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दूरस्थ शिक्षा: कई अवसर ‘ओपन’ हैं अब

दूरस्थ शिक्षा: कई अवसर ‘ओपन’ हैं अब

ओपन यूनिवर्सिटीज केवल दूर बैठे छात्रों को कम खर्चे में शिक्षा के अवसर मुहैया नहीं करातीं, बल्कि हाई प्रोफाइल युवाओं को ऐसे कोर्स ऑफर करती हैं, जो उनके सीवी को स्ट्रॉन्ग कर सकें। इस बारे में एक्सपर्ट की राय बता रही हैं अरशाना अजमत

पिछले कुछेक साल में ओपन यूनिवर्सिटीज की लोकप्रियता युवाओं के बीच खूब बढ़ी है। पहले जहां ये यूनिवर्सिटीज ग्रामीण या गरीब छात्रों के बीच पढ़ाई का माध्यम भर थीं, वहीं आज इन्होंने कई ऐसे कोर्स लॉन्च किए हैं, जो आज के युवाओं की जरूरत के मुताबिक हैं। करियर काउंसलर जितिन चावला बताते हैं कि ओपन यूनिवर्सिटीज ने खुद को शिक्षा की वर्तमान जरूरतों के मुताबिक ढाला है। कई ऐसे कोर्स लॉन्च किए हैं, जो रेगुलर पढ़ाई कर रहे छात्रों के सीवी में एडऑन का काम करते हैं। कामकाजी युवाओं को अपनी सॉफ्ट स्किल तराशने और स्पेशलाइजेशन का मौका मिलता है।

सॉफ्ट स्किल तराशने का मौका

नीता ने एक नामचीन संस्थान से एमबीए किया और अच्छी नौकरी पाई। एक दिन उसे लगा कि उसकी कम्युनिकेशन स्किल उतनी अच्छी नहीं है, जितनी होनी चाहिए। किसी ने उसे इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से कम्युनिकेशन स्किल में सर्टिफिकेट कोर्स करने का सुझाव दिया। नीता आज इग्नू की छात्र है। ओपन यूनिवर्सिटी के कई ऐसे कोर्स हैं, जो कामकाजी युवाओं की सॉफ्ट स्किल चमकाते हैं। मसलन कोई सोशल वर्कर मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय से ह्यूमन राइट्स में सर्टिफिकेट कोर्स कर सकता है तो कोई फिटनेस एक्सपर्ट पंडित सुंदर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से डिप्लोमा इन हर्बल मेडिसिन कर सकता है। कई यूनिवर्सिटीज ऐसी हैं, जो वीकएंड में क्लास चलाती हैं। ये कोर्स करके वे सेलरी हाइक या प्रमोशन हासिल कर सकते हैं।

एजुकेशन में एडऑन का तड़का

अक्सर युवा पढ़ाई खत्म करने के बाद नौकरी की तलाश शुरू कर देते हैं। नौकरी मिलने में साल से छह महीने का समय लग जाता है। ओपन यूनिवर्सिटी के छोटी अवधि के कई ऐसे कोर्स हैं, जो खाली समय में किए जा सकते हैं। करियर काउंसलर ऊषा एल्बुकर्क मानती हैं कि ये कोर्स एजुकेशन में एडऑन लगाते हैं। जैसे कोई छात्र अगर जामिया से मास कॉम करने के बाद किसी ओपन यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग में डिप्लोमा कर ले या एमए इन क्रिमिनोलॉजी करने के बाद फॉरेंसिक साइंस का कोर्स कर ले तो उसका सीवी और अकादमिक जानकारी स्ट्रॉन्ग हो जाएगी। ये युवा जब नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाते हैं तो उनकी अतिरिक्त क्वालिफिकेशन के आधार पर उन्हें तरजीह दी जाती है।

स्पेशलाइजेशन की ओपन क्लास

पढ़ाई के बाद अगर किसी एक क्षेत्र में आप एक्सपर्ट हैं तो आपका करियर तेजी से आगे बढ़ता है। ओपन यूनिवर्सिटीज छात्रों को ऐसे कई कोर्स ऑफर कर रही हैं, जो उन्हें किसी एक विधा में एक्सपर्ट बना सकते हैं। मसलन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने ग्रामीण पत्रकारिता में एक कोर्स शुरू किया है।

दाखिले की राह आसान और फीस भी कम
करियर काउंसलर उषा एल्बुकर्क बता रही हैं ओपन यूनिवर्सिटीज की ऐसी ही कुछ खासियतें

ओपन यूनिवर्सिटी में दाखिला टेढ़ी खीर नहीं है। ये यूनिवर्सिटीज अपने नियमों के मामले में काफी लचीली होती हैं।
यहां कोर्स की फीस भी अमूमन सामान्य संस्थानों के मुकाबले कम होती है।
अकादमिक जानकारियों के लिए इन यूनिवर्सिटीज के कोर्स बेस्ट माने जाते हैं।
कई यूनिवर्सिटीज में वीकएंड क्लासेज होती हैं, जिससे कामकाजी लोगों को सहूलियत होती है।
पढ़ाई और नौकरी के बीच के समय का इस्तेमाल करने वालों के लिए ये यूनिवर्सिटीज ई-क्लास से लेकर छोटी अवधि वाली रेगुलर क्लासेज तक चला रही हैं।

प्रमुख ओपन यूनिवर्सिटीज और दाखिले की प्रक्रिया

ओपन यूनिवर्सिटी में दाखिले की कोई निश्चित प्रक्रिया नहीं है। कुछ संस्थान एंट्रेंस के आधार पर दाखिला देते हैं तो कुछ नंबरों के आधार पर। दाखिले की तारीख भी एक नहीं होती। दाखिले से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आपको संस्थान की वेबसाइट पर जाना होगा। नीचे देश की प्रमुख 13 यूनिवर्सिटीज के नाम एवं वेबसाइट का लिंक दिया गया है।

1. नालंदा यूनिवर्सिटी, बिहार
nalandaopenuniversity.com
2. मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय
bhojvirtualuniversity.com
3. कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी
www.ksouedu.com 
4. तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी
www.tnou.ac.in
5. पंडित सुंदर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़
www.pssou.ac.in
6. कृष्णकांत हांडिकी स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, असम
www.kkhsou.in 
7. उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय
www.uou.ac.in 
8. इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी
www.ignou.ac.in 
9. वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा
www.vmou.ac.in
10. अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु
www.annamalaiuniversity.ac.in
11. सिम्बायोसिस सेंटर फॉर डिस्टेंट लर्निग
www.scdl.net
12. पाण्डिचेरी ओपन यूनिवर्सिटी
www.pondiuni.edu.in
13.स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग
www.sol.du.ac.in

इग्नू के कुछ हॉट कोर्स

डिप्लोमा इन न्यूट्रीशन एण्ड हेल्थ एजुकेशन
डिप्लोमा इन एचआईवी एंड फैमिली एजुकेशन
डिप्लोमा इन मीट टेक्नोलॉजी
डिप्लोमा इन एन्टरप्रेन्योरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट
सर्टिफिकेट कोर्स इन एयर टिकटिंग
सर्टिफिकेट कोर्स इन बी कीपिंग
सर्टिफिकेट कोर्स इन कंज्यूमर प्रोटेक्शन
सर्टिफिकेट कोर्स इन डायबिटीज केयर फॉर कम्युनिटी वर्कर

बुनियादी शिक्षा और नौकरी दे रही है दूरस्थ शिक्षा
वी.एन.राजशेखरन पिल्लई
इग्नू के वाइसचांसलर

वी.एन.राजशेखरन पिल्लई इग्नू के वाइसचांसलर के पद पर रहने से पहले यूजीसी के चेयरमैन और वाइसचेयरमैन, नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडेशन काउंसिल के निदेशक, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, केरल के वाइसचांसलर रहे हैं। इसके अलावा वे डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल के चेयरमैन भी हैं। जनवरी, 2008 में उन्हें भारत के प्रधानमंत्री से प्रेसिडेंशियल गोल्ड मेडल मिला। प्रस्तुत हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश:

दूरस्थ शिक्षा की भारत में क्या स्थिति है?
मौजूदा समय में शिक्षा ग्रहण कर रहे कुल छात्रों का बीस प्रतिशत दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहा है। अभी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों, कामकाजी लोगों और ऐसी जगह, जहां पर शिक्षा के साधन उपलब्ध नहीं हैं, वहां दूरस्थ शिक्षा, शिक्षा हासिल करने का एक बड़ा जरिया है। वर्तमान में देश में करीब 13 मुक्त विश्वविद्यालय हैं।

इस तरह की शिक्षा किस तरह फायदेमंद हो रही है?
खासकर उन लोगों के लिए, जो कामकाजी हैं, यह बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। यहां से डिग्री और डिप्लोमा हासिल कर वे अपने संस्थानों में तरक्की पा रहे हैं। यह उस वर्ग के लिए भी काफी फायदेमंद है, जो धन या अन्य कारणों से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते। वे यहां से बुनियादी शिक्षा पा नौकरी हासिल कर रहे हैं।

दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने में इग्नू की क्या भूमिका है?
इग्नू की भूमिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले चार सालों में इसके छात्रों की संख्या पंद्रह लाख से तीस लाख हो गई है। यूनेस्को ने वर्ष 2010 में इसे दुनिया का विशालतम, सर्वाधिक विविधतापूर्ण एवं समावेशी उच्च संस्थान घोषित किया। यही नहीं, इसके कार्यक्रमों की संख्या 129 से बढ़कर 486 हो गई है तो अध्ययन केंद्रों की संख्या 1468 से बढ़कर तीन हजार से अधिक हो गई है।

इग्नू ने शिक्षा की बेहतरी के लिए किस तरह की नई पहल की है या नए कोर्स शुरू किए हैं?
इग्नू ने कई नए कोर्स शुरू किए हैं, जैसे कि इग्नू एवं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ट्रेनिंग इंस्टीटय़ूट (बीटीआई) ने फाइनेंशियल मार्केट्स में विशेषज्ञता के साथ दो वर्षीय पूर्णकालिक एमबीए कार्यक्रम के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं तो इग्नू ने टेलीसेंटर/विलेज नॉलेज सेंटर मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट प्रोग्राम की रूपरेखा तैयार करने एवं इसके संचालन के लिए टेलीसेंटर डॉट ऑर्ग फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाए हैं। इसके अलावा इग्नू देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने स्टूडेंट्स सेटिसफेक्शन सर्वे शुरू किया है। प्लेसमेंट सेल को भी काफी मजबूत किया है।

आपकी नई योजनाएं क्या हैं?
नई योजनाओं में प्रमुख योजना कोर्सों को ऑनलाइन उपलब्ध कराना है। इग्नू में कोर्स बहुत सारे हैं, ऐसे में यह योजना एक दिन में परवान नहीं चढ़ सकती, पर इस पर काम चल रहा है। हमने ई-ज्ञानकोष का निर्माण किया है, जिसमें उपलब्ध स्टडी मैटीरियल को कोई भी पढ़ सकता है। यह पूरी तरह से मुफ्त है। साथ ही ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी है, जिसे लगातार विस्तार दिया जा रहा है।

इग्नू पर आरोप लगता है कि यहां परिणाम देर से आते हैं, जिससे छात्रों को परेशानी होती है?
पहले ऐसा होता था, पर हमने नई व्यवस्था के तहत इस बात पर मुख्यत: फोकस किया है कि परिणाम परीक्षा होने के बाद 45 दिन के भीतर आ जाए। इसमें हमें कामयाबी भी मिली है।

कहा जाता है कि दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान गुणवत्ता पर फोकस नहीं करते। वे सिर्फ डिग्री और सर्टिफिकेट देने की जगह बन गए हैं?
मैं मानता हूं कि यह एक बड़ी समस्या है कि कई संस्थान सिर्फ डिग्री बांटने तक ही सीमित रह गए हैं। पर एक अच्छी बात यह है कि डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल इस दिशा में बेहतर काम कर रही है। वह इस बात पर निगाह रखती है कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।

इग्नू का दायरा विदेशों में भी काफी बढ़ा है। इसे और कहां-कहां विस्तार देने की योजना है?
अब छह यूरापेयिन देशों, जिसमें जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस आदि शामिल हैं, जैसी जगहों पर इस सत्र से इग्नू के सेंटर खोलने की योजना है।

आपके संस्थान द्वारा टीवी का संचालन भी किया जाता है। यह कितना फायदेमंद हो रहा है?
हमारा एक टीवी ज्ञानदर्शन है और रेडियो ज्ञानवाणी। टीवी के द्वारा हम तीस मिलियन लोगों तक पहुंचते हैं। यह शिक्षा प्रदान करने का बेहतर माध्यम बन रहा है।
प्रस्तुति: अनुराग मिश्र

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