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तिवारी को देना पड़ा खून का नमूना

बहुचर्चित पितृत्व मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी के खून का नमूना मंगलवार को दून में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद नमूना देने को राजी हुए तिवारी के एफआरआई स्थित सरकारी आवास में उनका रक्त लिया गया।

इस मौके पर दिल्ली हाईकोर्ट के ज्वाइंट रजिस्ट्रार, देहरादून के जिला जज मौजूद थे। चार घंटे तक चली प्रक्रिया के दौरान तिवारी का बेटा होने का दावा करने वाले रोहित शेखर, उनकी मां उज्जवला शर्मा भी मौजूद रहीं। नमूने को जांच के लिए हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

मंगलवार सुबह करीब 10.10 बजे तीन गाड़ियों के काफिले में मेडिकल टीम तिवारी के सरकारी आवास पहुंची। वहां दून अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. एनके मिश्र ने तिवारी का रक्त एफटीए तकनीक से लिया। इस दौरान किसी को वहां प्रवेश नहीं करने दिया गया। ढाई बजे टीम कार्रवाई पूरी करने के बाद चली गई। सैंपलिंग के दौरान तिवारी के आवास के बाहर खूब गहमागहमी रही।

दिल्ली निवासी रोहित शेखर काफी समय से यूपी व उत्तराखंड के पूर्व सीएम तिवारी का बेटा होने का दावा करते रहे हैं। तिवारी ने उन्हें बेटा नहीं स्वीकारा तो रोहित 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने कई बार तिवारी को डीएनए जांच के लिए रक्त का नमूना देने का निर्देश दिया, पर वो इससे बचते रहे। तिवारी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी गए, पर उन्हें राहत नहीं मिली। हैदराबाद से रिपोर्ट आने के बाद रोहित की याचिका पर हाईकोर्ट फैसला सुनाएगा।

 

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