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30 नवंबर, 2020|12:30|IST

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हवाई यात्रा के लिए करनी पडे़गी जेब ढीली

हवाई यात्रा के लिए करनी पडे़गी जेब ढीली

आने वाले दिनों में हवाई यात्रियों को अपनी जेब काफी ढीली करनी पड सकती है। विमानन कंपनियों ने किराए में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया है और अगर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है तो फिर विमान यात्रा की सुविधा एक खास तबका ही उठा सकेगा।

विमानन कंपनियों का प्रस्ताव मंजूर किए जाने की स्थिति में दिल्ली-चंडीगढ़ या चेन्नई-कोयंबटूर के लिए यात्री को 10,500 रुपये किराए का भुगतान करना पड़ेगा, जबकि दिल्ली-बेंगलूरू या दिल्ली-कोलकाता रूट पर किराया 40,000 रुपये तक जा सकता है।
   
कुछ विमानन कंपनियों द्वारा गैर-व्यवस्ततम सीजन के दौरान भी किराया बढ़ाने के बाद डीजीसीए ने विमानन कंपनियों को विभिन्न रूटों पर किराये का दायरा तय करने को कहा जिसके बाद एयरलाइंस कंपनियों ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया।

उधर, नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने गुरुवार को कहा कि विमानन कंपनियों को मनमाना किराया वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि डीजीसीए किसी भी तरह के मनमाने किराए की अनुमति नहीं देगा, अगर कोई कमी है तो हम आवश्यक सुधार करेंगे। हम विमानन कंपनियों को मनमाना किराया वसूलने की अनुमति नहीं देंगे।

डीजीसीए सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित किराए चार दूरी के स्लैबों पर आधारित हैं जिनकी समीक्षा की जा रही है, लेकिन उन्होंने साफ किया ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए जिसमें विमानन कंपनियां किराए में भारी बढ़ोतरी कर यात्रियों को लूटने लगें।
   
उन्होंने कहा कि अगर टिकट काफी समय पहले खरीदे जाते हैं तो किराए कम होंगे, लेकिन अगर टिकट यात्रा के दिन या एक दिन पहले खरीदे जाते हैं तो किराये शीर्ष पर हो सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि किराये के मौजूदा स्तर को अपने काबू में रखने के लिए एक किराया विश्लेषण इकाई स्थापित वाला नियामक डीजीसीए जल्द ही इस मामले पर निर्णय करेगा।

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