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अब मिट्टी की सेहत जानेंगे गुजरात के किसान

कृषि उपज बढ़ाने के उद्देश्य में किसानों की मदद के लिए गुजरात ने एक नई पहल की है। प्रदेश में किसानों को अब मृदा स्वास्थ्य कार्ड (एसएचसी) जारी किए जाएंगे, जो उन्हें मृदा की विभिन्न विशेषताएं...

अब मिट्टी की सेहत जानेंगे गुजरात के किसान
एजेंसीMon, 02 Aug 2010 10:04 AM
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कृषि उपज बढ़ाने के उद्देश्य में किसानों की मदद के लिए गुजरात ने एक नई पहल की है। प्रदेश में किसानों को अब मृदा स्वास्थ्य कार्ड (एसएचसी) जारी किए जाएंगे, जो उन्हें मृदा की विभिन्न विशेषताएं बताएंगे।

किसानों को ये कार्ड कृषि विभाग के मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दिए जाएंगे। इन्हें तैयार करने के पहले मृदा की उत्पादकता, उसके खनिज तत्व और जलग्रहण क्षमता का अध्ययन किया जाएगा।

एसएचसी में यह जानकारी भी दी जाएगी कि मृदा विशेष के लिए किसानों को कैसे कीटनाशक, उर्वरक और कैसे बीज उपयोग करने चाहिए, ताकि उससे बेहतर परिणाम पाए जा सकें।

कृषि मंत्री दिलीप संघानी के मुताबिक किसानों को एचएससी देने का उद्देश्य प्रदेश में कृषि के आधारभूत ढ़ांचे में सुधार लाना है। संघानी ने बताया कि इन कार्डों के साथ किसानों को उस मृदा विशेष की विशेषताएं समझना आसान हो जाएगा।

मंत्री ने कहा कि सरकार की योजना है कि प्रदेश के 42 लाख किसानों को ये कार्ड दिए जाएं, जिनमें से 23.98 लाख किसानों को इस साल कार्ड जारी हो जाएंगे।

मंत्री ने बताया कि हमारी योजना प्रदेश में कृषि उत्पादों के परीक्षण के लिए 85 नई प्रयोगशालाएं खोलने की भी है, ताकि हर साल मृदा के लगभग 14 लाख नमूनों का परीक्षण हो सके। इसका उद्देश्य प्रदेश में कृषि से एक साल में 55 हजार करोड़ रुपये की आय अर्जित करना है। वर्ष 2009 में गुजरात को कृषि से 44 हजार करोड़ रुपये की आय हुई थी।

मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किसानों को अपनी जमीन से मृदा का नमूना प्रयोगशाला में ले जाना होगा, जहां के वैज्ञानिक उसमें मौजूद खनिज तत्वों का अध्ययन करेंगे।

मृदा में मौजूद खनिज तत्वों के आधार पर किसानों को परामर्श दिया जाएगा कि उन्हें कौन सी फसल उगानी चाहिए। यह सारी जानकारी किसानों को जारी कार्ड पर दर्ज कराई जाएगी।

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