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केजरीवाल ने शीला दीक्षित को 25 हजार से अधिक मतों से हराया

केजरीवाल ने शीला दीक्षित को 25 हजार से अधिक मतों से हराया

अपने आक्रामक राजनीतिक रवैये के कारण विख्यात अरविन्द केजरीवाल ने अपने नये राजनीतिक दल आम आदमी पार्टी के साथ दिल्ली विधानसभा चुनाव में शीला दीक्षित को न केवल राज्य की सत्ता से बाहर किया, बल्कि उन्हीं के चुनाव क्षेत्र से उन्हें हराकर अपने पक्ष में एक नयी जमीन तैयार कर ली है।

इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद नौकरशाही में गये और बाद में राजनीति में उतरे केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एवं भाजपा कोई हैसियत नहीं रखने वाला फैक्टर बताकर खारिज कर रही थी। लेकिन उन्होंने शीला दीक्षित के 15 साल के शासन को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। केजरीवाल ने शीला को व्यक्तिगत रूप से भी क्षति पहुंचायी, क्योंकि उन्होंने निवर्तमान मुख्यमंत्री को उन्हीं के चुनाव क्षेत्र नई दिल्ली सीट पर 25864 मतों के भारी अंतर से हराया।

भारतीय राजस्व सेवा के 45 वर्षीय इस इस पूर्व अधिकारी को कई बार राजनेताओं के कटाक्ष का सामना करना पड़ रहा था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने उन्हें चुनौती दी थी कि वह बाहर से राजनीतिक व्यवस्था की आलोचना करना बंद करें और यदि साहस हैं तो इसमें शामिल होकर इसका शुद्धिकरण करें।

पिछले एक वर्ष में केजरीवाल ने भ्रष्टाचार, बिजली एवं पानी की दरों में भारी वृद्धि, महिलाओं की सुरक्षा जैसे विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस एवं भाजपा दोनों पर तमाम आरोप लगाये और दोनों ही बड़े राजनीतिक दलों के वोट बैंक में भारी सेंध लगायी।

मेगसायसाय पुरस्कार से सम्मानित केजरीवाल मधुर भाषी होने के बावजूद अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के लिए विख्यात हैं। वह 2011 में जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में 75 वर्षीय समाज सेवी अन्ना हजारे द्वारा चलाये गये आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय सुर्खियों में आये थे। वह पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी, प्रशांत भूषण एवं अन्य के साथ टीम अन्ना में शामिल थे। सरकार ने जन लोकपाल विधेयक का मसौदा बनाने के मकसद से जो समिति गठित की थी उसमें नागरिक समाज के प्रतिनिधियों में केजरीवाल भी शामिल थे।

सरकार द्वारा उनका मसौदा खारिज किये जाने के बाद कांग्रेस एवं अन्य नेताओं ने केजरीवाल एवं उनके साथियों को राजनीति में आने की नसीहत दी थी। इसके बाद टीम अन्ना से औचारिक रूप से अलग होने के बाद केजरीवाल और सहयोगियों ने पिछले साल 26 नवंबर को आम आदमी पार्टी बनायी। आप को इस साल जुलाई में झाडू का चुनाव चिन्ह मिला।

आप ने अप्रैल से ही अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया था और दिल्ली विधानसभा की सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतारा। उन्होंने मई में बढ़ी हुई बिजली दरों के खिलाफ 15 दिन का अनशन किया था।

केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त 1968 को हरियाणा के हिसार में गोविन्द राम केजरीवाल एवं गीता देवी के घर में हुआ। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की थी। उन्होंने इसके बाद 1989 में टाटा स्टील में नौकरी शुरू की। तीन साल नौकरी करने के बाद उन्होंने वहां से 1992 में इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह 1995 में प्रशासनिक सेवा उत्तीर्ण हो कर भारतीय राजस्व सेवा में आये।

सरकारी नौकरी में रहने के बावजूद उन्होंने सामाजिक मुद्दों और सूचना का अधिकार कानून लागू करने में काफी काम किया। उन्हें इन्हीं प्रयासों के कारण 2006 में मैगसायसाय पुरस्कार मिला। उन्होंने फरवरी 2006 में आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने एक गैर सरकारी संगठन पब्लिक काज रिसर्च फाउंडेशन खोला।

केजरीवाल का विवाह सुनीता से हुआ है जो स्वयं एक आईआरएस अधिकारी हैं। इस दंपति के एक पुत्र एवं एक पुत्री है। केजरीवाल और उनकी पार्टी चंदा और एक वेबपोर्टल द्वारा किये गये स्टिंग आपरेशन के मुद्दों के कारण भी विवाद में रही थी।

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