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केंद्र ने मसरत के खिलाफ सभी 27 मामलों को मजबूती से आगे बढ़ाने को कहा

अलगाववादी नेता मसरत आलम भट की रिहाई को लेकर पैदा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने आज संसद को सूचित किया कि केंद्र ने जम्मू कश्मीर सरकार को परामर्श जारी कर मसरत के खिलाफ सभी 27 मामलों को प्रबल तरीके से...

केंद्र ने मसरत के खिलाफ सभी 27 मामलों को मजबूती से आगे बढ़ाने को कहा
एजेंसीThu, 12 Mar 2015 03:11 PM

अलगाववादी नेता मसरत आलम भट की रिहाई को लेकर पैदा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने आज संसद को सूचित किया कि केंद्र ने जम्मू कश्मीर सरकार को परामर्श जारी कर मसरत के खिलाफ सभी 27 मामलों को प्रबल तरीके से आगे बढ़ाने और उसे जमानत प्रदान करने वाले आदेशों को चुनौती देने की कार्रवाई करने को कहा है।

संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में दिए गए बयान में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय कायम करते हुए मसरत के साथ ही उसके साथियों तथा समर्थकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। गृह मंत्री ने अपने बयान में बताया, गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर सरकार को परामर्श जारी कर दिया है जिसमें कहा गया है कि मसरत आलम के खिलाफ सभी 27 आपराधिक मामलों को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाए और ऐसे मामलों में उसे जमानत प्रदान करने वाले आदेशों को कानून के अनुसार कदम उठाते हुए चुनौती दी जाए।

सिंह ने बयान में कहा, मसरत और उसके सहयोगियों तथा समर्थकों की ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए जो लोक व्यवस्था या देश की एकता अखंडता और विशेष रूप से जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रभाव डालती हों। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने प्रदेश सरकार से कहा है कि यदि कोई भी अप्रिय बात संज्ञान में आती है तो तुरंत लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत उसकी समीक्षा की जाए और तत्काल उचित कार्रवाई की जाए।

राजनाथ सिंह ने इस संबंध में राज्य सरकार से और जानकारी मिलने पर सदन को अवगत कराने के अपने आश्वासन के तहत आज दिये इस बयान में कहा, राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मसर्रत आलम भट, उसके सहयोगियों और समर्थकों की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और उन पर खुफिया नजर रखी जाएगी। यह कार्रवाई केंद्र सरकार की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ गहन समन्वय के साथ की जायेगी जिसका मकसद राज्य में व्यापक हित में शांति और लोक व्यवस्था तथा सामान्य स्थिति बनाए रखना है।

मसरत की रिहाई के मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में इस सप्ताह काफी हंगामा हुआ था और विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदस्यों के आक्रोश से सहमति जतायी थी और मसर्रत की रिहाई को अस्वीकार्य करार दिया था। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर राज्य सरकार से जवाब मांगा था। बाद में उन्होंने जम्मू कश्मीर सरकार के जवाब से असंतोष जाहिर करते हुए नए सिरे से स्पष्टीकरण मांगा था और साथ ही नयी जानकारी को सदस्यों के साथ साझा करने का वादा किया था।

गृह मंत्री ने बताया, राज्य सरकार ने यह भी सूचित किया है कि मसरत की गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से नजर रखने के लिए एक उचित प्रणाली है। जब भी कभी कुछ विपरीत बातें सामने आती हैं तो कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। केंद्र ने इससे पूर्व पुरजोर शब्दों में कहा था कि राज्य सरकार को चलाना नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा राजग सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार है।

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