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क्रासिंग रिपब्लिक के एक शापिंग प्लॉजा को ढहाने के आदेश

गाजियाबाद। वरिष्ठ संवाददाता

खरीदार को रिएल्टी प्रोजेक्ट की खूबियां ब्रोशर में दिखाकर फ्लैट की बिक्री कर मनमर्जी से नक्शे में बदलाव करने वाले बिल्डर के खिलाफ उपभोक्ता फोरम ने निर्माण ढहाने के आदेश दिए हैं। फोरम ने बिल्डर को शापिंग प्लाजा 30 दिन के अंदर ध्वस्त कर हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही परिवादी को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 25 हजार रुपये देने का आदेश भी दिया है। दिल्ली के वसुंधरा एंक्लेव में रहने वाले महेश नारायणन ने वर्ष 2007 में महागुन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा क्रासिंग रिपलब्लिक में तैयार हुए एमजी मैस्कट प्रोजेक्ट के मिलानो टावर में दिसंबर 2007 में एक फ्लैट लिया था। फ्लैट खरीदते समय बिल्डर ने जो ब्रोशर दिखाया उसमें मिलानो टावर के सामने एक मंजिला कंवीनिएंट शॉप एवं पब्लिक प्लाजा होना भी दिखाया था।

लेकिन कुछ समय बाद बिल्डर ने शापिंग प्लाजा को दो मंजिला बढ़ा दिया। इससे परिवादी ने उसके फ्लैट में सूर्य की रोशनी, हवा में बाधा तथा प्राइवेसी का भी हनन होने का हवाला दिया। इस संबंध में परिवादी ने जब बिल्डर से शिकायत की तो उसका निराकरण नहीं किया गया। इसलिए परिवादी ने फोरम में शिकायत करते हुए पैरवी की। फोरम में वाद चलने के दौरान बिल्डर ने परिवादी को रुपया ब्याज सहित लौटाने का ऑफर दिया, लेकिन खरीदार ने इसे नहीं माना। मामले में फैसला सुनाते हुए फोरम के चेयरमैन एके श्रीवास्तव तथा सदस्या प्रीति त्रिपाठी ने पब्लिक प्लाजा को तीस दिन के ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला फोरम ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के भी एक आदेश का हवाला दिया है। सर्वोच्च नयायालय ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण बनाम बलवीर सिंह एआईआर 2004 सुप्रीम कोर्ट 2141 में यह व्यवस्था दी है कि अगर ब्रोशर में बताई गई तिथि तक उपभोक्ता को संपत्ति का कब्जा नहीं दिया जाता है तो विलंब के संबंध में उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति, किराया व अन्य मद में दी जानी चाहिए। यानि ब्रोशर से अलग कार्य करने पर गलत माना जाएगा।

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  • Web Title:क्रासिंग रिपब्लिक के एक शापिंग प्लॉजा को ढहाने के आदेश