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नीतीश के मुंबई दौरे में कोई सियासत नहीं

बिहार गठन की 100वीं सालगिरह के मौके पर नीतीश कुमार की प्रस्तावित मुंबई यात्रा के आयोजकों ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जिस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री आ रहे हैं वह पूरी तरह सामाजिक-सांस्कृतिक स्वभाव का है और इसका मकसद राजनीति कतई नहीं है।

गौरतलब है कि आयोजकों का बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बयान दिया था कि उन्हें मुंबई जाने से कोई नहीं रोक सकता। नीतीश के इस बयान पर राज ठाकरे ने ऐतराज जताया था।

बिहार के पूर्व मंत्री और कार्यक्रम के संयोजक देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि यह पूरी तरह एक सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम है, इसका मकसद राजनीति नहीं है। महाराष्ट्र के सभी राजनीतिक दलों और नेताओं के प्रति पूरा सम्मान जाहिर करते हुए मैं कहना चाहूंगा कि इस कार्यक्रम के जरिए किसी तरह का राजनीतिक संदेश दिए जाने की मंशा नहीं है।

एमएनएस की ओर से अपनी मुंबई यात्रा के कथित विरोध के बारे में सवाल किए जाने पर नीतीश ने पटना में सोमवार को कहा था कि उनकी यात्रा पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगा है और वह कहीं भी जा सकते हैं।

खबरों के मुताबिक, नीतीश ने कहा था कि मुंबई जाने के लिए मुझे किसी वीजा की जरूरत नहीं है। एमएनएस की ओर से अब तक किसी ने भी औपचारिक तौर पर यह घोषणा नहीं की है कि पार्टी नीतीश कुमार की यात्रा के खिलाफ है, लेकिन मीडिया की खबरों में कहा गया था कि पार्टी 15 अप्रैल को बिहार के गठन के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम नहीं होने देगी।

एमएनएस के शीर्ष नेता ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी है। यदि कोई महाराष्ट्र की संस्कृति और मराठी भाषा को बुरी रोशनी में दिखाने की कोशिश करता है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, नेता ने कहा कि नीतीश की यात्रा के मुद्दे पर पार्टी का रुख एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे स्पष्ट करेंगे।

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