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टीम इंडिया का कोच बनने की कोई ख्वाहिश नहीं : द्रविड़

टीम इंडिया का कोच बनने की कोई ख्वाहिश नहीं : द्रविड़

पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने इन अटकलों को खारिज किया है कि डंकन फ्लेचर की रवानगी के बाद उनकी दिलचस्पी भारतीय क्रिकेट टीम का कोच बनने में थी।
    
द्रविड़ ने बुधवार रात पत्रकारों से कहा कि नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं सिर्फ भारत-ए और अंडर-19 टीम का कोच रहूंगा। मैं राष्ट्रीय टीम का कोच बनने के बारे में नहीं सोच रहा।
    
द्रविड़ यहां इंटरनेशनल इंस्टीटयूट ऑफ स्पोटर्स मैनेजमेंट के दीक्षांत समारोह में अतिथि थे जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडम्नवीस भी मौजूद थे। द्रविड़ ने कहा कि बांग्लादेश दौरे पर गए टीम निदेशक रवि शास्त्री और अन्य सहयोगी स्टाफ अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं।
     
उन्होंने कहा कि रवि और उसकी टीम भारत के लिये बेहतरीन काम कर रही है। मेरी भारतीय टीम का कोच बनने की कोई ख्वाहिश नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत-ए या अंडर-19 टीम का हिस्सा होना किसी भी खिलाड़ी के लिये महत्वपूर्ण चरण है। मैं खुश हूं कि मुझे यह काम सौंपा गया। अभी 2-3 सीरीज खेलनी है और मैं खिलाड़ियों से अपने अनुभव बांटूंगा।
    
द्रविड़ ने कहा कि आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स के मेंटर रहने के अनुभव का उन्हें फायदा मिलेगा। द्रविड़ ने कहा कि इतने साल खेलने के बाद दो साल से मेंटर की भूमिका निभाते हुए मैं प्रबंधन और कोचिंग के नजरिये से चीजों को देखने में सक्षम हुआ हूं। अनुभव के साथ निखार आता है और मुझे इसका इंतजार है।
   
उन्होंने कहा कि भारत-ए टीम के लिये खिलाड़ी चुनने का कोई तय मानदंड नहीं हो सकता और चयनकर्ताओं के जेहन में अलग-अलग समय पर अलग लक्ष्य होते हैं।
    
उन्होंने कहा कि यह चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को तय करना है। कई बार वे युवा खिलाड़ियों को चुनेंगे, कई बार टीम में वापसी की कोशिश में जुटे खिलाड़ियों को चुनेंगे और कई बार भारत के भावी दौरों को ध्यान में रखकर चयन होगा। हर बार मानदंड अलग होगा।
    
द्रविड़ ने कहा कि चयनकर्ताओं ने काफी घरेलू क्रिकेट देखी है। मेरा काम चुने हुए खिलाड़ियों को कोचिंग देना है। मैं चयनकर्ता नहीं हूं। मैं उनके खेल में निखार की कोशिश करूंगा।

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