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डब्ल्यूटीओ ने आखिरकार अपनाया बाली पैकेज

डब्ल्यूटीओ ने आखिरकार अपनाया बाली पैकेज

क्यूबा और तीन अन्य लातिनी अमेरिकी देशों द्वारा पेश हल्की-फुल्की दिक्कतों के बाद डब्ल्यूटीओ ने शनिवार को ऐतिहासिक बाली पैकेज को स्वीकार कर लिया जिसमें भारत समेत कई विकासशील देशों की खाद्य सुरक्षा और व्यापार सुविधा से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान किया गया है।

व्यापार सुविधा समझौते के संबंध में क्यूबा और बोलीविया, निकारागुआ एंव वेनुजुएला जैसे अन्य देशों की चिंताओं के समाधान और इन्हें पैकेज में शामिल करने के बाद डब्ल्यूटीओ ने बाली पैकेज को मंजूर किया।

इंडोनेशिया के व्यापार मंत्री गीता वीर्जवान ने डब्ल्यूटीओ की नौंवे मंत्रिस्तरीय बैठक के समापन सत्र में कहा नौंवी मंत्रीस्तरीय बैठक ने पूरे बाली पैकेज को मंजूर कर लिया, यह ऐतिहासिक उपलब्धि है लेकिन यह स्पर्धा अभी खत्म नहीं हुई है।

खाद्य सुरक्षा के लिए अनाज के सरकारी भंडारण जैसे विवादास्पद मुद्दों पर गीता ने वीर्जवान हमने खाद्य सुरक्षा के लिए एक पैकेज पर वार्ता की जो विश्व के करोड़ों गरीबों को भोजन मुहैया कराएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने भी इस फैसले को भारत के लिए ऐतिहासिक करार दिया।

शर्मा ने कहा भारत ने दोहा दौर की वार्ता को बहाल करने और फिर से जीवंत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाली घोषणा-पत्र सकारात्मक कदम है। व्यापार सुविधा समझौते के मामले में वीर्जवान ने कहा कि इस समझौते से वैश्विक व्यापार में 1000 अरब डॉलर की बढ़ोतरी होगी।

वीर्जवान ने कहा ये हो गया, यह ऐतिहासिक सौदा है, ये ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं, लेकिन अभी भी बहुत काम करना है। डब्ल्यूटीओ ने 1995 में अपने गठन के बाद यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इन घटनाक्रमों पर संतोष जाहिर करते हुए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के महानिदेशक जेनरल रोबर्तो एजेवेदा ने कहा हाल के दिनों में डब्ल्यूटीओ जीवंत हो गया है, हमने लंबे समय से ऐसी कोशिश नहीं देखी है, हम विश्व को डब्ल्यूटीओ में वापस ले आए। आशंका थी कि बाली वार्ता के असफल होने से बहुपक्षीय संगठन की विश्वसनीयता बुरी तरह प्रभावित होगी।

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