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सुकन्या खाते पर मिलेगा पीपीएफ से ज्यादा लाभ

इस साल बजट में सरकार ने भले ही टैक्स श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन स्वास्थ्य बीमा, शुकन्या समृद्धि खाता और नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) पर टैक्स छूट बढ़ाकर उपभोक्ताओं के लिए निवेश को ज्यादा...

सुकन्या खाते पर मिलेगा पीपीएफ से ज्यादा लाभ
लाइव हिन्दुस्तान टीमMon, 02 Mar 2015 04:00 PM
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इस साल बजट में सरकार ने भले ही टैक्स श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन स्वास्थ्य बीमा, शुकन्या समृद्धि खाता और नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) पर टैक्स छूट बढ़ाकर उपभोक्ताओं के लिए निवेश को ज्यादा आकर्षक बना दिया है। सुकन्या खाते पर ब्याज पहले से अधिक था अब उसपर तीन स्तरों पर टैक्स छूट ने उसे सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) से भी आकर्षक बना दिया है।

पीपीएफ से अधिक ब्याज
सुकन्या समृद्धि खाता 10 साल तक की लड़कियों के लिए खोला जा सकता है। बेटी के 18 साल होने पर इसमें से 50 फीसदी राशि शिक्षा खर्च के लिए निकालने की अनुमति है। 21 वर्ष की उम्र के बाद इसमें से पूरी राशि निकाल सकते हैं। सरकार इस पर 9.10 फीसदी ब्याज दे रही है। सुकन्या खाता में सालाना एक हजार रुपये का निवेश अनिवार्य है और अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा कर सकते हैं।

सुकन्या खाता में निवेश राशि पर ही पहले टैक्स छूट थी लेकिन इस बजट में इसके ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली राशि पर भी टैक्स छूट दी गई है। इस मामले में यह पीपीएफ के बराबर हो गया जिसपर तीन स्तरों पर टैक्स छूट मिलती है। लेकिन ब्याज के मामले में सुकन्या खाता पीपीएफ से ज्यादा आकर्षक है। पीपीएफ पर 8.75 फीसदी ब्याज मिल रहा है जबकि सुकन्या खाता पर 0.35 फीसदी ब्याज अधिक है।

पेंशन योजनाओं का भी बढ़ा आकर्षक
नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में टैक्स छूट 50 हजार रुपये बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है। यह छूट धारा 80सी के तहत मिलती है। इसके साथ ही आयकर की धारा 80सीसीडी के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट भी दी गई है। इस तरह अब पेंशन योजना में कुल दो लाख रुपये की टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। एनपीएस पर ब्याज पहले से तय नहीं है क्योंकि इसकी राशि कई माध्यमों में निवेश की जाती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षो में इसमें 12 से 15 फीसदी तक रिटर्न दिया है। इसमें रिटर्न पीपीएफ से अधिक है लेकिन इस पर दो स्तरों पर ही टैक्स छूट मिलती है। इसमें निवेश और उसके ब्याज पर टैक्स मिलती है जबकि परिपक्वता राशि पर टैक्स चुकाना पड़ता है।

स्वास्थ्य बीमा पर कितना फायदा
आयकर की धारा 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा पर पहले 15 हजार रुपये की टैक्स छूट थी जबकि इसे 10 हजार रुपये बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके तहत स्वास्थ्य जांच पर पांच हजार रुपये की छूट मिल रही थी जो आगे भी जारी रहेगी। ऐसे स्थिति में आप 20 हजार रुपये स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर और पांच हजार रुपये स्वास्थ्य जांच के खर्च पर सालाना टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं। यदि 25 हजार रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम भरते हैं तो स्वास्थ्य जांच पर पांच हजार रुपये की छूट का दावा नहीं कर सकते हैं।

माता-पिता की बीमा पर ज्यादा टैक्स लाभ
वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स छूट 20 हजार रुपये थी जिसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। यदि आप खुद के साथ वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आने वाले माता-पिता के लिए स्वाथ्य बीमा का प्रीमियम भरते हैं तो 25 हजार रुपये के साथ 30 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट हासिल कर सकते हैं जिससे कुछ छूट 55 हजार रुपये हो जाएगी।

वरिष्ठ नागरिक को अधिक राहत
वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पर टैक्स छूट व्यक्तिगत तौर पर 30 हजार रुपये है। लेकिन वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आने वाले पति-पत्नी या आश्रित 30 हजार रुपये अतिरिक्त छूट का दावा कर सकते हैं। इस तरह कुल छूट बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इस स्थिति में भी स्वास्थ्य जांच पर पांच हजार रुपये टैक्स छूट सीमा इसके दायरे में होगी।

पीपीएफ पर कैसे उठाएं ज्यादा फायदा
पीपीएफ में सालाना न्यूनतम 500 रुपये निवेश अनिवार्य है। इसपर ब्याज की गणना हर महीने की पांच तारीख से अंतिम तारीख के बीच न्यूनतम जमा राशि पर होती है। यदि आप हर माह एक तारीख से पांच तारीख के बीच पीपीएफ में पैसे जमा करते हैं तो ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। यदि आपने पीपीएफ में पहले माह एक हजार रुपये जमा किया लेकिन दूसरे माह छह तारीख को पैसा जमा करते हैं तो ब्याज एक हजार रुपये पर ही मिलेगी। इसके विपरित दूसरे माह पांच तारीख के पहले पैसा जमा करते हैं तो ब्याज का आकलन दो हजार रुपये की राशि पर होगा।