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कॉल ड्राप पर ट्राई से सुझाव मांगे

दूरसंचार विभाग ने कॉल ड्राप की समस्या से निपटने के लिए विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। इस संबंध में दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) से उपाय सुझाने को कहा है। दूरसंचार विभाग ने ट्राई को दिए आदेश में कहा है कि वह बताए कि कैसे कॉल ड्राप के लिए कंपनियों को हतोत्साहित करने वाली प्रणाली विकसित की जाए।

दूरसंचार सचिव राकेश गर्ग ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमने ट्राई से इस मामले का विश्लेषण करने को कहा है। ट्राई से यह सुझाने को भी कहा है कि कॉल ड्राप से निपटने के लिए किस तरह की हतोत्साहित करने वाली प्रणाली इस्तेमाल की जा सकती है। इसमें यह भी प्रस्ताव है कि कॉल ड्राप के बदले ग्राहकों को निशुल्क कॉल मिनट उपलब्ध कराए जाएं। लेकिन असल समस्या यह प्रणाली तय करने की है कि किस कॉल को ड्राप माना जाए। कैसे तय हो कि कोई कॉल ड्राप हुई है।

उन्होंने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को ट्राई द्वारा तय सेवा गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो जुर्माना भुगतने के लिए तैयार रहें। सरकार ऐसी प्रणाली विकसित करना चाहती है जिसका उल्लंघन करने पर कंपनियों पर जुर्माना भी लग सकता है।

बता दें कि दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पिछले महीने प्रेस कांफ्रेस में कहा था कि निजी कंपनियों को काल ड्रॉप को कम से कम करना चाहिए तथा दूरसंचार विभाग कॉल ड्राप को हतोत्साहित करने वाली व्यवस्था कर रहा है। अब इस मामले में आगे बढ़ते हुए ट्राई से सुझाव मांगे गए हैं।

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  • Web Title:कॉल ड्राप पर ट्राई से सुझाव मांगे