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6 मई, 2021|5:51|IST

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नालंदा से भी 300 साल पुरानी थी तेल्हाड़ा विवि, बनेगा मास्टर प्लान

नालंदा से भी 300 साल पुरानी थी तेल्हाड़ा विवि, बनेगा मास्टर प्लान

तेल्हाड़ा खंडहर के कारण बिहार के विकास वैभव में फिर एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। गुरुवार को नीति (नेशनल इंस्टीट्यूशंस फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने प्राचीन तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय के खंडहर का अवलोकन किया। खंडहर के दर्शन करते ही उन्होंने कहा-तेल्हाड़ा साइट्स इज मिराकल! इसे इन्क्रेडिबल इंडिया (अतुल्य भारत) में शामिल करें। ऐसे साइट्स बिहार में ही मिलते हैं। इसके विकास से पर्यटन उद्योग बूम कर जाएगा।

उन्होंने पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. अतुल कुमार वर्मा को तेल्हाड़ा के विकास के लिए मास्टर प्लान बनाने की कहा। उसकी खुदाई के लिए आसपास की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। मास्टर प्लान में तेल्हाड़ा की खुदाई के साथ ही उसे यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने से संबंधित मुद्दे भी शामिल किये जाएंगे।

नालंदा यूनिवर्सिटी से 300 साल पुरानी थी तेल्हाड़ा विवि
निदेशक डॉ. वर्मा ने बताया कि नालंदा यूनिवर्सिटी से 300 साल पुराना था तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय। इसकी स्थापना कुषाण काल, तो नालंदा महाविहार (विश्वविद्यालय) की स्थापना गुप्त काल में हुई थी। यहां महायान की पढ़ाई होती थी।

12 सौ साल तक परवान पर था तेल्हाड़ा विवि
ईसा पूर्व 100 से वर्ष 1100 तक तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय परवान पर था। यहां भी देसी-विदेशी छात्र एक साथ रहकर पढ़ाई करते थे। इसके अंत का हाल नालंदा जैसा ही है। इसका संचालन भी स्थानीय गांवों से होने वाली आय से होती थी। इसकी आय नालंदा विश्वविद्यालय से अधिक थी। अकाल पड़ने के बाद एक बार ऐसी स्थिति आयी थी कि नालंदा विश्वविद्यालय बंद होने के कगार पर आ गया था, लेकिन तेल्हाड़ा महाविहार के लोगों ने दान देकर ऐसा नहीं होने दिया।

बख्तियार खिलजी ने ही जलाया था तेल्हाड़ा विवि को भी
डॉ. वर्मा बताते हैं कि मनेर से होते हुए सबसे पहले बख्तियार खिलजी तेल्हाड़ा पहुंचा था। इसके बाद इस विश्वविद्यालय के शिक्षकों व छात्रों को भगाकर वहां आग लगा दी थी। खुदाई के दौरान इसके साक्ष्य मिले हैं। यह भी कहा जाता है कि विश्वविद्यालय के खंडहर के रूप में तब्दील होने के बाद बिहार की पहली मस्जिद उसने तेल्हाड़ा में ही बनवायी थी।

इस मौके पर प्रधान सचिव चंचल कुमार, डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम, मुखिया अवधेश कुमार, पुरातत्ववेत्ता डॉ. राजा अम्बेदकर, अभय कुमार, रंजीत कुमार खन्ना, अनिल कुमार, मन्नु कुमार व अन्य भी मौजूद थे।

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  • Web Title:telhada university was 300 years older than nalanda university