DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केंद्रीय टीम ने माना- तूफान से हुई है भारी क्षति

बीते 21 व 22 अप्रैल को आए चक्रवाती तूफान से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम ने माना है कि बिहार में भारी नुकसान हुआ है। दो दिनों तक चार जिले पूर्णिया, मधेपुरा, कटिहार व मधुबनी का दौरा करने के बाद टीम ने कहा कि बिहार सरकार ने ज्ञापन में जो आंकड़े दिए हैं, उससे कहीं अधिक नुकसान हुआ है। नुकसान से द्रवित केंद्रीय टीम ने कहा कि बिहार सरकार चाहे तो फिर से ज्ञापन दे सकती है। 

चार जिलों का दौरा करने के बाद शनिवार को केंद्रीय टीम ने मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह सहित बिहार सरकार के आलाधिकारियों के साथ बैठक की। स्थल निरीक्षण के दौरान मधेपुरा से सूखे हुए मकई का बाल लेकर आई केंद्रीय टीम ने कहा कि दाना लगने के पहले ही तूफान के कारण फसल नष्ट हो गए। फसल नुकसान का बिहार सरकार ने जो आंकड़ा दिया है, उससे कहीं अधिक बर्बादी हुई है। घरों की तबाही के आंकड़ों को भी केंद्रीय टीम ने कम माना। मधेपुरा का ही दौरा करने वाले सदस्य ने बताया कि वहां काफी संख्या में झोपड़ी, कच्चा-पक्का मकान तबाह हुए हैं। टीम ने माना कि पूर्णिया में भारी तबाही हुई है।

टीम ने कहा कि स्थल निरीक्षण के दौरान मौत का आंकड़ा कहीं अधिक मिल रहा है। बिहार सरकार ने तूफान से 59 मौत की सूचना केंद्र सरकार को दी है। बिहार सरकार ने केंद्रीय टीम को भरोसा दिया कि डीएम के माध्यम से आंकड़ों की सत्यता फिर से जांची जाएगी।

स्थल निरीक्षण के दौरान टीम को कुछ किसानों ने बताया कि कर्ज लेकर खेती करने के कारण अब बैंक कर्ज वापसी का दबाव बना रहे हैं। मुख्य सचिव ने इस मामले में बैंक अधिकारियों के साथ बातचीत कर मामले का समाधान करने की बात कही। केंद्रीय टीम शनिवार को दिल्ली लौट गई। इसकी अनुशंसा पर ही बिहार को 434 करोड़ की केंद्रीय सहायता मिलेगी। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव वी शशांक शेखर के नेतृत्व में पहुंची तीन सदस्यीय टीम में ग्रामीण विकास के उप सचिव अजय कुमार व डीआरडी निदेशक डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह के अलावा बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी, वित्त विभाग के प्रधान सचिव रवि मित्तल, कृषि के प्रधान सचिव सुधीर कुमार, पशुपालन सचिव नर्मदेश्वर लाल, आपदा के ओएसडी विपिन कुमार राय व  संदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि तूफान से आठ जिले के 67 प्रखंड के 713 गांवों में दो लाख 26 हजार 733 परिवार प्रभावित हुए। 59 लोगों की मौत हुई। 58 पशु भी मर गए। 97 हजार 351 कच्चा-पक्का मकान पूरी तरह या आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए। एक लाख हेक्टेयर से अधिक खेती के अलावा बिजली के तार-पोल को भी नुकसान हुआ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:केंद्रीय टीम ने माना- तूफान से हुई है भारी क्षति