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डॉक्टर दम्पती कांड: पुलिस का जोर ठेकेदार अपहरण के सबूतों पर

जिले के चर्चित डॉक्टर दंपती अपहरण कांड में बीते शुक्रवार को शेरघाटी कोर्ट में डॉ. पंकज गुप्ता व पत्नी शुभ्रा गुप्ता के बयान से पुलिस अपने को ठगा महसूस कर रही है। पुलिस का मामना था कि अगर डॉक्टर दंपती कोर्ट में अपहरण सरगना अजय सिंह के खिलाफ बयान देते हैं, तो सजा दिलाने में मुश्किल नहीं होगी। मगर, डॉक्टर दंपती ने अपहर्ता गिरोह के किसी सदस्यों को नहीं पहचानने का बयान देकर पुलिस की ही मुश्किलें बढ़ा दी है। डॉक्टर दंपती के बयान से केस के कमजोर होने का खतरा बन गया है हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस ऐसा मानने को तैयार नहीं है।
अब, पुलिस सासाराम के अपहृत व्यवसायी रवि रंजन के अपहरण से जुड़े सबूतों को जुटाने में लग गई है। पुलिस महकमा रवि रंजन अपहरण मामले में पुख्ता साक्ष्य जुटाकर कोर्ट में पेश करे की तैयारी कर रहा है, ताकि अजय सिंह गिरोह को कड़ी सजा दिलायी जा सके।

मालूम हो कि रिमांड पर लिये गए अजय सिंह ने पांच दिनों में डॉक्टर दंपती अपहरण मामले में कुछ विशेष राज नहीं उगले थे। सासाराम के ठेकेदार रवि रंजन सिंह व उनके दो साथियों के अपहरण में शामिल गैंग का जरुर खुलासा जरूर किया था। खुलासे के बाद पुलिस ने रांची से गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

रांची से गिरफ्तार अजय के गुर्गों ने उगले थे राज

अजय सिंह ने पुलिस की पूछताछ में 23 जनवरी को बाराचप्ती थाना क्षेत्र से जीटी रोड पर सासाराम के ठेकेदार रविरंजन व दो अन्य लोगों के अपहरण मामले से संबंधित जानकारी दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने रांची से अजय सिंह के दो गुर्गों साहिद (रणगांव, तमाड़, रांची) तथा मो. फिरोज (कर्रा, खुंटी) को घर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार दोनों युवकों ने पूछताछ में कई राज उगले थे। पुलिस ने ठेकेदार अपहरण में शामिल छह अन्य अपहर्ताओं की पहचान करने का दावा किया था। गिरफ्तार गुर्गों के घर से वीआईपी लाइट, वर्दी आदि सामान भी बरामद हुआ था।

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