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मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कूलपति और पूर्व प्राचार्य गए जेल

मगध विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर हुए प्राचार्य नियुक्ति प्रक्रिया घोटाला के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने शुक्रवार को पूर्व कुलपति सह चयन समिति के अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार और रामलखन सिंह यादव कॉलेज बख्तियारपुर के पूर्व प्राचार्य प्रवीण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो ने इन दोनों अभियुक्तों को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया।

इसके बाद निगरानी के विशेष न्यायाधीश राघवेन्द्र कुमार सिंह ने दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेते हुए 16 जून तक के लिए बेउर जेल भेज दिया। व्यक्गित लाभ और अपने पद का दुरुयोग करते हुए मगध विश्वविद्यायल के अन्तर्गत आने वाले कॉलेजों में 15 प्राचार्य तथा चयन समिति के 6 सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया में अपने पद का जमकर दुरुपयोग और व्यक्तिगत लाभ के लिए जमकर अनियमितता की गयी। इसके लिए इन अभियुक्तों ने आपराधिक साजिश करते हुए कई जाली कागजात भी तैयार किया।

हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी ने इस मामले में 18 मई प्राथमिकी दर्ज किया है। इसमें डी के यादव समेत 25 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। निगरानी ब्यूरो ने अपने जांच में पाया कि प्राचार्य की नियुक्ति की प्रक्रिया में न तो कुलाधिपति  और न ही शिक्षा विभाग से कोई अनुमति ली गयी थी। अभियुक्त प्रवीण कुमार समेत 15 प्राचार्य की नियुक्ति में रोस्टर का पालन नही किया गया और मनमाने ढ़ग से रोस्टर तैयार किया गया था।

वहीं दूसरी ओर इस मामले में अपनी जमानत लेने का प्रयास अभियुक्तों द्वारा शुरु हो गया है। इस कांड में डी के यादव, कुमरेश प्रसाद सिंह,अरुण कुमार,श्रीकांत शर्मा ने अपनी-अपनी अग्रिम जमानत अर्जी निगरानी की विशेष अदालत में दाखिल किया है जिसपर सुनवाई चल रही है। 

ब्यूरो ने इस संबंध में जालसाजी,धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इस मामले में वेद प्रकाश चतुर्वेदी, डा.अरुण कुमार रजक, श्रीमती रेखा कुमारी, दलवीर सिंह, डा. पूनम, डा. उषा सिन्हा, डा. शशि प्रताप शाही, कृष्णनदंन प्रसाद सिंह, ब्रजेश कुमार, डा.दुर्गा प्रसाद, दिनेश कुमार, श्रीकांत शर्मा, डी के यादव, कुमारेश प्रसाद सिंह समेत 25 को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।

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