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बिहारः 'आम-लीची' के बाद अब शराब की बोतल पर विवाद

बिहारः 'आम-लीची' के बाद अब शराब की बोतल पर विवाद

मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग में आम-लीची की रखवाली का मुद्दा उछलने के दूसरे दिन वहां शराब की बोतलें मिलने से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की वहां आयोजित बैठक को कवर करने पहुंचे पत्रकारों की नजर शराब की बोतलों पर पड़ी। ये बोतलें श्री मांझी के कमरे के नीचे झांडी़ में पड़ी थीं। इसे कैमरे में कैद करने गए मीडियाकर्मियों को मांझी समर्थकों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।

बाद में मांझी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के किसी दलाल ने यहां शराब की बोतलें फेंक दी है। गौरतलब है कि श्री मांझी को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है और वह भारी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग में ही रह रहे हैं। उधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि वहां आम के पेड़ मैंने और राबड़ी देवी ने लगवाए थे। श्री मांझी ने इस पर भी पलटवार किया और कहा कि लालू प्रसाद को आम भिजवा देंगे।

दो दिन पहले मांझी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर आरोप लगाया था कि 1 अणे मार्ग में आम और लीची की रखवाली के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दर्जन कांस्टेबल और सब इंसपेक्टर तैनात कर दिया है। उनका आरोप था कि श्री मांझी को आम और लीची लेने से रोकने के लिए ऐसा किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि वह ऐसी तुच्छ बात सोच भी नहीं सकते।

मांझी जी ने अपना सरकारी आवास पसंद से तैयार करवाया है, लेकिन अभी भी वह सीएम आवास में रह रहे हैं। अगर उन्हें आम की जरूरत है तो सीएम आवास का आम उन्हें मिल जाएगा और उसका भुगतान मैं अपने वेतन से कर दूंगा। इस मुद्दे को भाजपा और लोजपा ने मुख्यमंत्री पर तीखे प्रहार किए। पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने पहले श्री मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाकर अपमानित किया और अब उन्हें आम की चटनी के लिए तरसा रहे हैं।

हालांकि पुलिस मुख्यालय का दावा है कि मुख्यमंत्री आवास में इस मौसम में पुलिसकर्मियों की तैनाती पहले से होती रही है। पिछले साल भी हुई थी। पुलिसकर्मियों ने किसी को आम तोड़ने से मना नहीं किया है। बहरहाल, आम और लीची का यह राजनीतिक मुद्दा अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि शराब की बातल का विवाद सामने आ गया है।

जदयू प्रवक्ता और विधान पार्षद संजय सिंह का दावा है कि एक अणे मार्ग में शराब की बोतल मिलने से जाहिर है कि पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के यहां के लोग उसका सेवन करते हैं। नीतीश कुमार और उनके लोगों का नाम इस मामले में भी जोड़कर एक बार फिर श्री मांझी ने ओछी मानसिकता का परिचय दिया है।

एक अणे मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि बाहर का कोई व्यक्ति शराब का बोतल लेकर न तो जा सकता है और न ही वहां जाकर फेंक सकता है। पहले भी शराब के मामले में मांझी परिवार का ट्रैक रेकार्ड सामने आ चुका है। कभी बेटा गया में पकड़ाया तो कभी मांझी खुद कहा करते थे-थोड़ी-थोड़ी पीया करो। दरअसल मांझी भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के रिमोट पर चलते हैं।

एक अणे मार्ग में आम-लीची पर उठा ताजा विवाद बेवजह की बात है। अगर यही बात होगी तो पहला हक मेरा है। राबड़ी देवी ने ही आम-लीची और जामुन का पेड़ लगाया था। पेड़ लगाने वाला फल नहीं खाता है।
लालू प्रसाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजद

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