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सरकारी सड़कों के लिए आधी से कम कीमत पर सीमेंट: गडकरी

सरकार को अपनी परियोजनाओं के लिए लगभग आधे से भी कम दाम पर सीमेंट मिलेगा। इसका उपयोग इंदिरा आवास योजना के लिए भी किया जा सकेगा। केन्द्र सरकार ने इसके लिए 37 सीमेंट कंपनियों की 117 फैक्ट्रियों से 97 लाख टन सीमेंट बुक कर लिया है। यह घोषणा केंद्रीय पथ परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहीं। वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रकारों से बात कर रहे थे।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने फिर दोहराया कि गांधी सेतु के जीर्णोद्धार के लिए केन्द्र ने पांच सौ करोड़ रुपए बिहार सरकार को दिए हैं। अब तक राज्य सरकार ने जितना पैसा खर्च किया है, उतना केन्द्र ने दिया है। बिहार को 50 हजार करोड़ की रोड योजनाएं दी गई हैं। देशभर में छह माह में साढ़े तीन लाख करोड़ की सड़क योजनाएं टेकअप करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा। श्री गडकरी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के एक साल के कार्यकाल में महंगाई घटी है। 4.30 प्रतिशत पर अटका विकास दर लगभग 7.5 प्रतिशत पर पहुंच गया है। जब सरकार आई थी तो पैसे के अभाव में जितनी योजना बंद पड़ी थी, सब अब दौड़ने लगी हैं। जन-धन, अटल पेंशन और केन्द्र की बीमा योजनाओं को जनता का व्यापक समर्थन मिला है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टोल बूथों पर अब वाहनों की कतार नहीं दिखेगी। केन्द्र सरकार ने ई-टोल शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत वाहन चलक सिम की तरह एक डिवाइस खरीदेंगे और उसे चार्ज करा लेंगे। जब वह किसी टोल बूथ से गुजरेंगे उनके उस डिवाइस से टोल टैक्स स्वत: कट जाएगा। डिवाइस बूथ पर ही मिलेगा, रीचार्ज करने की जिम्मेवारी आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक को दी गई है। बिहार के 12 में से औरंगाबाद और वाराणसी के बीच तीन टोल बूथों पर यह व्यवस्था कर दी गई है। शेष पर भी एक महीने के भीतर व्यवस्था कर दी जाएगी। हर टोल के पास तौलने वाली मशीन लगाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि सस्ते सीमेंट की योजना का लाभ राज्य और केन्द्र सरकार के अलावा पंचायतें और निगम भी ले सकते हैं। उन्हें 120 रुपए प्रति बोरा की दर पर सीमेंट मिलेगा। बाजार में इसकी कीमत लगभग सवा दो सौ के आसपास है। इससे सड़कों की लागत कम हो जाएगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जिस भी एजेंसी के पास तीन-चार योजनाएं हैं, वह कुछ योजनाएं बेच सकता है। इससे काम जल्द होगा। इसके अलावा जिन योजनाओं का काम 50 प्रतिशत हो चुका है और पैसे की कमी से बंद हो गई हैं, उसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पैसा लगाएगा। बैंक सूद के अलावा दो प्रतिशत लाभ लेगा।

जल मार्ग को मिलेगा बढ़ावा
श्री गडकरी ने कहा कि सड़क मार्ग से यात्रा पर डेढ़ रुपए खर्च होते हैं तो रेल मार्ग से एक रुपए और जल मार्ग से मात्र तीस पैसे। लिहाजा देश की 101 नदियों में जलमार्ग शुरू करने का प्रयास शुरू किया गया है। इसमें बिहार की सभी नदियां हैं। घाटे में चल रहा शिपिंग कॉरपोरेशन इस वर्ष लाभ कमाने लगा। वाराणसी-हल्दिया-कोलकाता और साहेबगंज के बीच जल मार्ग बनाने का काम जल्द शुरू होगा। ई रिक्शा और ई कार्ट जल्द ही मानव चालित रिक्शों की जगह ले लेंगे।

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