DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एक गांव जहां बच्चों के बीच गढ़ी जा रही संस्कृत

एक गांव जहां बच्चों के बीच गढ़ी जा रही संस्कृत

जहां एक ओर अधिकांश सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का लेट आना एवं समय पूर्व जाना आम बात हो गयी है। वहीं चैनपुर स्थित भागीरथ प्राथमिक सह माध्यमिक संस्कृत विद्यालय गरीब छात्रों के लिए मुप्त आवासीय व्यवस्था कर अन्य के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनकर रह गया है। प्रधानाध्यापक उमेश कुमार झा के अनुसार भारतीमण्डन शंकराचार्य वेद विज्ञान संस्थान चैनपुर एवं अन्य गामीणों के सहयोग से संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 21 अप्रैल अक्ष्यतृतिया के दिन से गरीब छात्रों के लिए विद्यालय में मुप्त आवास, भोजन की व्यवस्था शुरू की गयी है।

वर्तमान में यहां लालगंज, महिषी, पुरन्दाहा, बिहरा, दौरमा, पडम्री, आरापट्टी, सुखासन सहित अन्य गांवों के दर्जनों छोटे-छोटे बच्चों यहां हॉस्टल में रह कर पढ़ते हैं। उमेश कुमार झा ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से गरीब छात्रों के लिए हॉस्टल व्यवस्था को और विस्तार करवाया जाएगा।

शिक्षक दशरथ झा, दिनेश प्रसाद साह, विनोदानन्द झा सहित अन्य शिक्षक एवं अन्य कर्मी भी अपना हरसम्भव सहयोग दे रहे है। ग्रामीण मुखिया चन्द्रमोहन झा, पैक्स अध्यक्ष रमेश ठाकुर, पूर्व सरपंच संजय कुमार, भगवानदत ठाकुर, श्रीकांत झा, सोहन ठाकुर, लाल मिश्र, अमोद ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने भी हरसम्भव सहयोग देने के आश्वासन के साथ ही गरीब छात्रों के लिए चलाए जा रहे मुप्त आवासीय व्यवस्था की सराहना की। तथा देव भाषा संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सामान्य विद्यालय की तरह विद्यालय एवं छात्रों को सुविधा देने की मांग राज्य सरकार से की है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:एक गांव जहां बच्चों के बीच गढ़ी जा रही संस्कृत