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लोकभाषाओं के विकास में सहयोग करेगी सरकारः शाही

शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि भोजपुरी सहित सभी लोक भाषाओं के विकास के लिए सरकार हर संभव मदद को तैयार है। राष्ट्रभाषा के साथ लोकभाषाओं का विकास भी जरूरी है। लेकिन पैसा कमाने की होड़ में लोगों का इससे संबंध टूटता जा रहा है।

शाही मंगलवार को विश्व भोजपुरी दिवस पर भोजपुरी अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। संत कबीर जयंती पर युवा हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम में कवि सम्मेलन भी हुआ। मंत्री ने कहा कि कबीर की क्रांतिकारी प्रवृत्ति के कारण उनपर कई तरह से हमले भी हुए। उनकी रचनाओं में भोजपुरी की  झलक थी। उनके समय में भी हमारी सभ्यता और भाषा काफी विकसित थी।

हिन्दी, चीनी, अंग्रेजी और स्पेनिश के बाद सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भोजपुरी है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विश्व को भोजपुरी के साथ जोड़ने की यह पहल है। आज हमारी नई पीढ़ी भोजपुरी भूलती जा रही है। लेकिन उन्हें समझना होगा कि विकास के लिए अपनी भाषा पर पकड़ जरूरी है।

पटना विश्वविद्यालय के डॉ. बलिराम तिवारी ने कहा कि कबीर से बड़ा धर्मनिरपेक्ष आजतक पैदा नहीं हुआा। वह देश के बुनियादी रोग को समझते थे। पूर्व एडीजी और बिहार लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य राजवद्र्धन शर्मा ने कहा कि कबीर ने कुरीतियों के खिलाफ जमकर संघर्ष किया। वह निराकार ब्रह्म के पुजारी थे, लेकिन कभी-कभी उनकी रचनाओं में साकार भगवान राम के भी दर्शन हुए हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभूषण राय ने और संचालन संजय कुमार ने किया। इस अवसर पर कई भोजपुरी कवियों ने कविता पाठ भी किया।

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