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पलासी में चार वन्य जीव मिले

पलासी में चार वन्य जीव मिले

एक माह पहले आये भूकंप के बाद अररिया में तेंदुआ समेत तमाम वन्य जीवों के शावकों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को प्रखंड के धर्मगंज पंचायत के भट्टाबाड़ी गांव स्थित बधार में किसी वन्यजीव के चार बच्चे मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में तेंदुआ का शावक होने के भ्रम से दहशत फैल गई। लोगों की सूचना पर वन विभाग के लोग पहुंचे और चारों वन्य जीवों को पटना भेजा। वन विभाग का कहना है कि ये तेंदुए के शावक नहीं हैं, इनकी पहचान पटना में होगी कि किस वन्यजीव के बच्चे हैं।

24 मई को पलासी प्रखंड के भटवार गांव में तेंदुआ का डेढ़ वर्षीय शावक मिला था। ग्रामीण राजकुमार यादव, विनोद ऋषिदेव, विश्वजीत शाही, शिवानंद ऋषिदेव, गणेश ऋषिदेव, गंगा मांझी आदि ने बताया कि भट्टाबाड़ी मुसहरी टोला स्थित बधार में इस्माइल के खेत में मजदूर गरमा धान काट रहे थे। इन्ही मजदूरों ने धान के खेत में इन वन्य जीवों को देखा था। इसके बाद मजदूर उन्हें घर लेकर आ गये। शावकों के मिलने की खबर से भट्टाबाड़ी गांव के मुसहरी टोला में इसे देखने वालों की भीड़ लग गयी। सूचना पर पहुंची पलासी पुलिस को ग्रामीणों ने शावक सौंप दिये। पलासी पुलिस की सूचना पर पहुंचे वन विभाग के कर्मियों ने शावकों को अपने कब्जे में ले लिया। इधर प्रखंड क्षेत्र में दूसरी बार शावक मिलने से लोगों के बीच तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। यहां बता दें कि 14 मई को बैरगाछी के भगवानपुर में एक तेंदुआ मिला था, जिसे ग्रामीणों ने मार डाला। इसके बाद 21 मई को रानीगंज प्रखंड के मिर्जापुर नंदनपुर गांव में मकई खेत से तेंदुआ के पांच शावक बरामद हुए थे।
डीएफओ केके अकेला ने बताया कि वन्य जीवों को पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान भेजा जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा व देखभाल हो सके। उन्होंने कहा कि धान खेत में मिले वन प्राणी तेंदुए के बच्चे नहीं जान पड़ते।

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