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अध्यादेश राज कायम करना चाहता है केंद्र: नीतीश

अध्यादेश राज कायम करना चाहता है केंद्र: नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार अध्यादेश राज कायम करना चाहती है। भूमि अधिग्रहण कानून के मसले पर राज्यसभा की कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर इस बाबत अध्यादेश आया गया। किसान इससे दबाव में हैं। अगर सदमे में किसान कुछ फैसला लेते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेवारी केंद्र सरकार की होगी। किसानों के दिल को दुखा कर जमीन लेने से विकास नहीं हो सकता। किसानों को कहा गया था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को नए सिरे से निर्धारित किया जाएगा पर केंद्र सरकार अब इससे भी मुकर रही है।

कुमार जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने सेना के लिए वन रैंक, वन पेंशन की बात कही थी। वैसे यह फैसला यूपीए सरकार ने ही लिया था पर भाजपा ने इसका खूब प्रचार किया था। सरकार के एक वर्ष हो गए पर अब तक इस मसले पर कोई निर्णय नहीं ले पायी है केंद्र सरकार। प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात कार्यक्रम में फिर से आश्वासन दिया है।

यह सरकार की अक्षमता को दर्शाता है। ऐसा लगता है कि चुनाव के समय भाजपा ने इन सारी घोषणाओं के बारे में सोचा नहीं था। यूं ही घोषणाएं कर दीं। काले धन को लाने और गरीबों के खाते में पैसा डालने वाली बात की तरह ही यह भी दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के लोगों को वन रैंक, वन पेंशन नहीं दिया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। भूतपूर्व सैनिकों को उनका न्यायोचित अधिकार मिलना ही चाहिए। उनकी मांग है कि पारा मिलिट्री स्तर पर भी वन रैंक, वन पेंशन की व्यवस्था होनी चाहिए।

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