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गया: पितृपक्ष मेला 15 से, पंडों से अनुष्ठान तक जानें ऑनलाइन

गया: पितृपक्ष मेला 15 से, पंडों से अनुष्ठान तक जानें ऑनलाइन


ऑनलाइन है बुकिंग से लेकर गयाश्राद्ध की पूरी जानकारी

देश-विदेश के पिंडदानियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा है। सरकारी वेबसाइट www.gayapinddaan.com पर गया श्राद्ध से जुड़ी सारी जानकारी भी उपलब्ध है। गयापाल पंडों की सूची व फोन नंबर, दैनिक अनुष्ठान,आरती-पूजन, रेलवे समय सारिणी, वाहनों का किराया, कहां ठहरे के साथ आदि तमाम जानकारी घर बैठे ली जा सकती है। 

गया: पितृपक्ष मेला 15 से, पंडों से अनुष्ठान तक जानें ऑनलाइन
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15 को पितृपक्ष मेले का होगा उद्घाटन

15 सितंबर को उद्घाटन के साथ विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला शुरू हो जाएगा। इसके एक-दिन पहले से पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना लिए पिंडदानियों का गयाधाम आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। पितृपक्ष को लेकर गया जंक्शन से लेकर विष्णुपद मंदिर तक तैयारी जोरों पर है। फल्गु नदी के घाट और पिंडवेदियों पर सुविधाएं दुरुस्त की जा रही हैं। विष्णुपद मंदिर परिसर में प्रवचन के लिए भव्य पंडाल बना है।
 
पुनपुन नहीं तो गोदावरी से शुरू करेंगे कर्मकांड 
त्रिपाक्षिक यानी सत्रह दिनों तक श्राद्ध करने वाले पटना जिले के पुनपुन नदी के घाट से स्नान और तर्पण कर गयाश्राद्ध शुरू करेंगे। पुनपुन न जाने वाले गया शहर में स्थित गोदावरी तालाब से कर्मकांड शुरू करेंगे। इसके बाद ही गया पंचकोस की अन्य पिंडवेदियों पर तिथि के अनुसार पूरे विधान के साथ पिंडदान करेंगे। अंत में अक्षयवट वेदी पर गयावाल पंडों से सुफल लेने के बाद त्रिपाक्षिक गया श्राद्ध करने वालों का इस बार अक्टूबर को नानी-नानी के लिह पिंडदान करने के सा ही गयाश्राद्ध पूरा होगा। 

देश-विदेश से आएंगे पिंडदानी 
आश्विन माह के कृष्णपक्ष के पितृपक्ष पखवारे में विष्णुनगरी में अपने पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना लिए देश ही नहीं विदेशों से भी सनातन धर्मावलंबी गयाजी आएंगे। देश में सबसे ज्यादा बंगाल, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी, पंजाब, हरियाणा के अलावा दक्षिण भारत के तामिलनाडु, केरल, ओडिशा, चेन्नई से सबसे ज्यादा तीर्थयात्री पिंडदानियों के आने की उम्मीद है। इसके अलावा सूबे के अन्य राज्यों से पिंडदानी आत हैं। देश के अलावा नेपाल, श्रीलंका, बर्मा, तिब्बत, भूटान आदि देशों के हिन्दू धर्मावलंबी कर्मकांड को गयाजी आते हैं। कई बार अमेरिकी और यूरोपीय देशों में बसे हिन्दू धर्मावलंबी भी गयाश्राद्ध को आते हैं।

विष्णुपद और फल्गु में तीर्थयात्रियों का लगेगा जमघट
गयाधाम में सबसे ज्यादा एक दिनी पिंडदान करने वाले तीर्थयात्री आते हैं। इस वर्ष भी ऐसा ही अनुमान है। एक दिनी कर्मकांड के अनुसार फल्गु, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट में गयाश्राद्ध करेंगे। इस कारण सबसे ज्यादा भीड़ विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, देघवाट, गजाधर और संगत घाट पर होगी।

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