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बिहारनेताजी की फाइल जारी करने वालों को आजादी से लेना-देना नहीं

लाइव हिन्दुस्तान टीम
Sat, 23 Jan 2016 07:44 PM
नेताजी की फाइल जारी करने वालों को आजादी से लेना-देना नहीं

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जीवनी से जुड़ी फाइलों के जारी होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि इसे वे लोग जारी कर रहे हैं, जिनका आजादी से कोई लेना-देना नहीं था। इन लोगों की कोशिश है कि आजादी की लड़ाई में विभिन्न धाराओं के बीच कंफ्लिक्ट (टकराव) पैदा की जाए। लोग इस बात को बखूबी समझते हैं।

शनिवार को नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लौट रहे सीएम ने कहा कि इसे जारी करने वाले अगर कोई एंगिल बनाना चाहते हैं, तो यह सही नहीं होगा। आजादी की लड़ाई में सबका अपने ढंग से योगदान था। उनकी जीवनी से जुड़ी फाइल सार्वजनिक होनी कोई खास बात नहीं है। सरकार के पास जो दस्तावेज उपलब्ध हैं, वह जारी हो रहे हैं। इसे जारी होना ही चाहिए और लोगों को इसके बारे में स्वतंत्र मनन व चिंतन करना चाहिए।

नई पीढ़ी को यह मालूम है कि देश को कितने लंबे व कठिन संघर्ष के बाद आजादी मिली। यह देश आजाद है, लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम है। पंडित नेहरू हों या नेताजी, सबका योगदान है। देश के लोग सभी की इज्जत करते हैं। अगर ये कंफिलिक्ट पैदा करना चाहेंगे तो इसका कोई असर नहीं होगा। आजादी की लड़ाई में हमारे पूर्वजों ने बड़ा संघर्ष किया है। उसको नहीं भूलना चाहिए।

रोहित की घटना से देश में असहिष्णुता उजागर : हैदराबाद विवि के दलित छात्र रोहित के सवाल पर सीएम ने कहा कि पीएम ने देर से अपनी बात कही है। उनकी मां ने एक लाल नहीं खोया है, बल्कि हमारे देश में जो असहिष्णुता का वातावरण है, वह भी उजागर हुआ है। दलित छात्रों को रिसर्च स्कॉलर बनकर रिसर्च करने का अधिकार नहीं है, यह कौन सी बात है। आखिर किस बात को लेकर निकाला गया।

दलित होने के कारण स्कॉलरशिप से रोका गया। पीएम रेडियो पर मन की बात करते हैं और कोई अपने मनमुताबिक काम करे तो वह गलत। देश का जो वातावरण है, उसे ठीक करने की भी कोशिश होनी चाहिए। अपना विचार रखें लेकिन दूसरों के विचार का गला न घेांटें। सत्ताधारी दल अगर अपने विचारधारा को थोपना चाहेगा तो उसमें वह नाकाम होगा।
 

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