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1 अप्रैल, 2020|12:34|IST

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जानिए, एमसीआई की उम्मीद पर कितना खरा उतरा भागलपुर का मेडिकल कॉलेज

मेडिसिन और सर्जरी विभाग में भी पीजी की पढ़ाई को एमसीआई से स्थायी मान्यता के लिए जेएलएनएमसीएच की अग्निपरीक्षा हो रही है। शनिवार को एमसीआई की टीम इन विभागों में उपलब्ध संसाधन और अस्पताल की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंची। दो साल पहले भी एमसीआई ने निरीक्षण कर आवश्यक संसाधनों की सूची सौंपते हुए इन विभागों में अस्थायी तौर पर नामांकन लेने की अनुमति दी थी। 

एमसीआई से डॉ. शैवाल चटर्जी बतौर इंस्पेक्टर आए हैं। मानदंड के अनुसार पीजी के पहले बैच की प्रायोगिक परीक्षा भी एमसीआई इंस्पेक्टर की मौजूदगी में ही होनी है। जो दो छात्र पीजी बैच में हैं, उन्होंने इंस्पेक्टर के सामने केस स्टडी, मरीज की बीमारी का डाइग्नोसिस और इलाज के लिए एडवाइस किया। पहले दिन सर्जरी विभाग में प्रयोगिक परीक्षा ली गई। 

मेडिसिन के पीजी छात्रों की परीक्षा सोमवार को होगी। परीक्षा के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज से प्रो. एनसी नाथ और प्रो. एनएन मुखर्जी बतौर एक्सटर्नल मौजूद थे। इससे पहले एमसीआई इंस्पेक्टर ने अस्पताल के ओपीडी, आउटडोर, इमरजेंसी, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग में जाकर भी संसाधनों को देखा और मेडिसिन एवं सर्जरी विभाग के मरीजों का डाटा लिया। ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता और उपकरणों के बारे में भी जानकारी ली गई। 

इस दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल और प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुमार सिंह भी इंस्पेक्टर के साथ रहे। अधीक्षक कहते हैं कि पीजी कोर्स के लिए मानक के अनुसार तमाम संसाधन उपलब्ध हैं और पूरी उम्मीद है कि एमसीआई से स्थायी मान्यता मिल जाएगी। 

डिग्री मिलेगी छात्रों को, सर्टिफिकेट जांच शिक्षकों का भी 

निरीक्षण के दौरान एमसीआई इंस्पेक्टर ने सर्जरी विभाग में कार्यरत सभी सीनियर डॉक्टरों के सर्टिफिकेट की जांच भी की। एमसीआई उन विभागों के डॉक्टरों की डिग्री और सीनियरिटी को देखती है, जिसमें पीजी की पढ़ाई होती है। पीजी का सीट निर्धारण प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की संख्या पर ही तय होता है। लिहाजा विभाग के सभी डॉक्टर अपनी डिग्री और पद से जुड़े कागजात के साथ पहुंचे थे। 

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  • Web Title:mci team visited in medical college