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पाग पहनकर देवघर जाएंगे कांवरिये

पहली बार श्रावणी मेला में कांवरिये पाग पहने दिखेंगे। मिथिलांचल और नेपाल से देवघर बाबाधाम जाने वाले लोग पाग पहनकर जाएंगे। मिथिला लोक फाउंडेशन ने इसके लिए अभियान शुरू किया है। सावन के पहले ही पाग कांवरियों के लिए गीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

डाक बम की जगह होगा पाग बम

 फाउंडेशन के चेयरमैन डा. बीरबल झा ने यह अभियान शुरू किया है। गीत भी उन्होंने खुद ही लिखा है जिसे मिथिला लोक फाउंडेशन के ब्रांड अम्बेसडर विकास झा ने गाया है। इस गीत के माध्यम से उन्होंने सभी कांवरियों को पाग पहनकर बाबाधाम जाने की अपील की है। उम्मीद है कि डाक बम की तर्ज पर इसबार ‘पाग बम’ भी श्रावणी मेले में मशहूर हो जाएगा। 

मिथिलांचल की पहचान है पाग

आज भी मिथिलांचल के लोग पाग को बड़े शौक से अपने सिर पर धारण करते हैं। पाग मिथिलांचल की न सिर्फ पहचान है बल्कि यहां की गौरवगाथा का भी प्रतीक है। मिथिलांचल में शैव की प्राचीन परंपरा रही है। यहां के शिवभक्त बड़ी संख्या में कांवर लेकर देश के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक देवघर जाते हैं। फाउंडेशन का मानना है कि मिथिलांचल के सांस्कृतिक प्रतीक ‘पाग’ को पहन जब कांवरिया बाबा भोले की नगरी जायेंगे तो पाग की लोकप्रियता पुर्नस्थपित होगी।

 पटना में होगा पाग सम्मेलन

 फाउंडेशन ‘पाग बचाओ अभियान’ चला रहा है। इस अभियान को दिल्ली, पटना और मधुबनी में काफी जनसमर्थन मिला है। इन शहरों में पाग मार्च में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता दर्ज हुई है। मिथिलांचल के सभी जिले में पाग मार्च होना है। बरसात बाद राजधानी पटना में पाग सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी है।

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  • Web Title:kanvarias will go to devghar wearing paag