igims successful kidney transplant - आईजीआईएमएस में सफल रहा किडनी प्रत्यारोपण DA Image
16 दिसंबर, 2019|4:10|IST

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आईजीआईएमएस में सफल रहा किडनी प्रत्यारोपण

आईजीआईएमएस में सफल रहा किडनी प्रत्यारोपण

आईजीआईएमएस के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार किडनी का ट्रांसप्लांट किया गया। एम्स, नई दिल्ली से आई टीम को पहले किडनी ट्रांसप्लांट में पूर्ण सफलता मिली। किडनी प्रत्यारोपण के विशेषज्ञ डॉ. वी सीनू के नेतृत्व में आई पांच सदस्यीय टीम ने पांच घंटों तक ऑपरेशन किया।

डॉ. सीनू की टीम मंगलवार को दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट करेगी। ऑपरेशन का लाइव टेलीकास्ट नहीं किया गया। आईजीआईएमएस को इस संबंध में राज्य सरकार ने पत्र लिखा था। इससे पीएमसीएच के डॉक्टरों, पाराकर्मियों और मेडिकल स्टूडेंट को ट्रांसप्लांट की जानकारी देनी थी, ताकि पटना में भी प्रशिक्षित टीम तैयार की जा सके।

आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास ने कहा कि ऑपरेशन की सफलता में राज्य सरकार का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण रहा। समय पर लाइसेंस और क्लीयरेंस मिल गया। यह ऑपरेशन बिहार के मेडिकल क्षेत्र के लिए मिल का पत्थर है। इसमें महत्वपूर्ण है कि मरीज और उनके परिजनों ने भी अस्पताल पर भरोसा किया। साल में 120 से 140 किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले डॉ. वी सीनू ने कहा कि नेफ्रोलॉजी, एनेस्थिसिया, रेडियोलॉजी, जनरल सर्जरी, नर्सिंग स्टाफ समेत सभी विभाग ने ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाई।

भाई ने बहन को दिया किडनी का तोहफा
सोमवार को आईजीआईएमएस में ट्रांसप्लांट में भाई ने बहन को किडनी का तोहफा दिया। डॉ. सीनू ने बताया कि 40 साल के भाई और 50 साल की बहन दोनों ऑरपेशन के बाद सामान्य हैं। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की टीम 24 घंटे दोनों की निगरानी कर रही है। दोनों को 14 दिन अस्पताल में रखा जाएगा। इसके बाद तीन महीने तक हफ्ते में दो दिन चेकअप के लिए बुलाया जाएगा।

इस ऑपरेशन के बाद सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा रहता है। इससे मरीज को बचाव करने के लिए गाइड किया जाएगा। सर्वे के अनुसार महिलाएं सबसे ज्यादा किडनी डोनेट करती हैं।

आईजीआईएमएस के डॉक्टरों को मिलेगा प्रशिक्षण
डॉ. सीनू ने बताया कि आईजीआईएमएस में 30 किडनी ट्रांसप्लांट के बाद ही यहां के डॉक्टरों को ऑपरेशन की अनुमति मिलेगी। फिलहाल जो भी ऑपरेशन होंगे उसके लिए वे खुद आते रहेंगे। आईजीआईएमएस में पांच-छह डॉक्टर ऐसे हैं जिन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट किया है। लेकिन ट्रांसप्लांट रूल के मुताबिक पिछले एक-दो साल में ऐसा ऑपरेशन नहीं करने की वजह से उन्हें फिलहाल इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। इस साल के अंत तक आईजीआईएमएस के डॉक्टर ही ट्रांसप्लांट करने लगेंगे। अस्पताल में कम से कम 50-60 ऑपरेशन होंगे।

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