DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, घरों में दुबके रहे लोग

रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, घरों में दुबके रहे लोग

रिकार्ड तोड़ गर्मी से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह में सूर्योदय के साथ दिनभर आसमान से आग बरस रही है। घर हो या बाहर कहीं भी लोगों को भीषण गर्मी से सकुन नहीं मिल रहा है। मंगलवार तो सर्वाधिक तपनेवाला दिन रहा। इसने गर्मी के पिछले सारे रिकार्ड तोड़ डाले।

मंगलवार को 44 डिग्री सेल्सियस पर पारा पहुंच गया। गर्मी से दिनभर लोग बिलबिलाते रहे। शाम में लोग शहर या बाजारों की ओर रुख कर सामान की खरीदारी करते दिखे।

बाजार में पसरा रहा सन्नाटा: गर्मी से परेशान लोग दिन भर घरों या पेड़ की छांव में समय बिताया। गांवों से लोग निकलकर बहुत कम संख्या में शहरों की ओर आये। बाजार में ठेले वाले आम रखकर ग्राहक का इंतजार करते दिखे। दिनभर गुलजार रहनेवाली चाय की दुकानें पर इक्का दुक्का ग्राहक नजर आये। भूजा व खोमचेवाली की दुकान भी फीकी रही। रेडिमेड व कपड़ा दुकानों पर ग्राहक नदारद रहे। सड़कों पर आम दिनों से कम रिक्शा व ठेलावाले दिखे। पेड़ की छांव में रिक्शा खड़ा कर चालक गर्मी से राहत पाने की कोशिश करने को विवश हुए। दोपहर के बाद तो सड़कें सूनी पड़ गयी। कई जगह तेज धूप के कारण सड़क के कोलतार भी पिघल गये।

कार्यालयों में रही वीरानगी
हर दिन चहल-पहल रहनेवाले सरकारी कार्यालय भी सूने दिखे। कार्यालय में बाबुओं को छोड़ बाकी कोई भी नहीं दिखा। पसीने से लथपथ कार्यालयकर्मी किसी तरह काम निपटाते दिखे। बीच बीच में रुक रुककर पानी की बोतल से सूखते हलक को भिंगोते रहे। बिजली का पंखा चलने के बाद भी गर्मी पर कोई असर नहीं दिख रहा था। कृषि कार्यालय, कलेक्ट्रेट सहित अन्य कार्यालयों में यह पूछते नजर आये कि आज केतना टेम्परेचर बा?

ठंडई की खूब रही मांग
शहर में ठेला पर ड्रम में नींबू पानी व चीनी की बनायी गयी ठंडई की बिक्री खूब रही। गर्मी से निजात पाने के लिए पांच रुपये ग्लास की दर से दो दो ग्लास तक ठंडई गटकते हुए हलक को तर करते रहे।

बस स्टैंड में भी यात्री दिखे कम
छतौनी बस स्टैंड में दोपहर में बसों में सीट भी नहीं भर रहा था। कंडक्टर लगातार पटना, मुजफ्फरपुर जाने के लिए यात्रियों की पुकार करते रहे। लेकिन भीषण गर्मी से यात्री भी कम दिखे। किसी बस से यात्री उतरते तुरंत रिक्शा या टेम्पो की खोज में भागते फिर रहे थे। लेकिन गर्मी का यह आलम रहा कि यात्री वाहनों की संख्या नगण्य रही। मजबूरन यात्रियों को पैदल ही आगे निकलना पड़ा। इससे सबसे बुरा हाल छोटे-छोटे बच्चों का रहा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Record-breaking heat, houses Dubke People