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पटना में 10 फीसदी कम बैंकों ने बांटे ऋण

पटना में 10 फीसदी कम बैंकों ने बांटे ऋण

जिला स्तरीय बैंकर समिति की बैठक में डीडीसी डॉं.राजीव कुमार ने बैंक प्रतिनिधियों को चेताया कि औसत से कम ऋण देनेवाले बैंको से सरकार जमा राशि वापस ले लेगी। समीक्षा बैठक में पाया गया कि बैंकों में कुल जमा राशि के अनुपात में औसतन 45 फीसदी राशि नहीं बांटी गयी है। वर्ष 2014-15 में जमा के अनुपात में 35.9  फीसदी ऋण का ही वितरण किया गया है। डीडीसी ने बैंकों से जमा-ऋण अनुपात को औसत के करीब या उससे ऊपर ले जाने पर जोर दिया है। बैठक में 12 बैंकों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए।
 
जमा-ऋण अनुपात के मामले में कॉरपोरेशन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एवं यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने संतोषजनक काम किया है। जिन बैंकों की गति बेहद धीमी है उनमें साउथ इंडियन बैंक, फेडरल बैंक एवं आंध्रा बैंक शामिल है। डीडीसी ने इन बैंकों से जवाब मांगा है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 39 हजार 233 लाभार्थियों को तीन करोड़ 39 लाख 85 हजार रुपये बैंकों ने दिया है। इसमें मध्य बिहार ग्रामीण बैंक, एसबीआई एवं पीएनबी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जबकि कई बैंकों ने लक्ष्य को भी पूरा नहीं किया है। इनमें आंध्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉरपोरेशन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडस बैंक शामिल हैं। डीडीसी ने ऐसे बैंकों के वरीय पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगा है। उद्योग के क्षेत्र में युवाओं के स्वरोजगार के लिए बैंकों को कुल 1133 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से सिर्फ 258 आवेदकों को ही राशि स्वीकृत की गई है। पंजाब नेशनल बैंक एवं बैंक ऑफ इंडिया ने इस क्षेत्र में बेहतर काम किया है। वहीं आंध्रा बैंक, इंडियन बैंक, देना बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया एवं विजया बैंक की स्थिति शून्य है।

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  • Web Title:Patna, 10 per cent of the banks disbursed loans