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नगर निगम के आंकड़ों में खो गये 2500 मकान

नगर निगम के आंकड़ों में खो गये 2500 मकान

नगर निगम के टैक्स असेसमेंट से वंचित 2500 मकान कहां खो गए? दो माह गुजर गए आखिर शहर में ये मकान क्यों नहीं मिले? इन सवालों के साथ नगर आयुक्त ने सभी टैक्स दारोगा से शपथ पत्र मांगा है। टैक्स दारोगा को शपथ पत्र देना है कि उनके इलाके में टैक्स निर्धारण में कोई मकान नहीं छूटा।

नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में नए असेसमेंट के आधार पर टैक्स वसूली हो रही है। पुराने रिकार्ड में शहर में मकानों की संख्या 44,700 थीं। नए असेसमेंट में 40 हजार मकान ही टैक्स के दायरे में आ पाये। अप्रैल में नगर आयुक्त ने पुराने रिकार्ड के मुताबिक असेसमेंट से वंचित मकानों का होल्डिंग नंबर देते हुए सभी टैक्स दारोगा को निर्देश दिया कि इन मकानों को तलाशकर टैक्स निर्धारण कराएं। नगर आयुक्त को ये आदेश जारी किए दो माह गुजरे, इस अंतराल में करीब 1500 मकानों का टैक्स निर्धारण हो सका। 2500 मकान पुराने रिकार्ड के मुताबिक भी अभी टैक्स के दायरे में नहीं आये। खासकर कई अपार्टमेंट और मार्केट कॉम्पलेक्स का भी टैक्स असेसमेंट नहीं किया गया। इस हीलाहवाली से नाराज नगर आयुक्त ने सभी टैक्स दारोगा को शपथ पत्र देने के लिए कहा है कि वे सात दिनों में शपथ देकर यह सुनिश्चित करें कि टैक्स असेसमेंट में अब कोई मकान नहीं छूटा। नगर आयुक्त के इस सख्ती से टैक्स दारोगा और तहसीलदारों की बेचैनी बढ़ गई है।
   
असेसमेंट में हीलाहवाली के पीछे बड़ा खेल: नगर निगम की तहसीलदारी और टैक्स दारोगा की नौकरी को कामधेनू माना जाता रहा है। तहसीलदार या टैक्स दारोगा बनने के लिए नगर निगम में ऊंची पैरवी व तरह-तरह के जुगाड़ भिड़ाये जाते हैं। ऐसे में शहर में जो मकान टैक्स असेसमेंट से वंचित रह जाता है, वही कमाई का असल जरिया होता है। इन मकान मालिकों से वसूली का पैसा सीधे जेब में जाता है। सूत्र बताते है कि 2500 मकानों का टैक्स एक करोड़ से कम नहीं होगा। मकानों की खोज में हीलाहवाली के पीछे यह एक करोड़ के लिए ही सारा खेल है।

टैक्स असेसमेंट से बचना पड़ेगा मंहगा: नगर निगम की नई नियम के मुताबिक टैक्स असेसमेंट से बचना मकान मालिकों को मंहगा पड़ने वाला है। नए सर्कुलर के मुताबिक सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो मकान टैक्स से वंचित रह जाए उस पर बिजली कनेक्शन की तिथि से टैक्स लगाया जाए। बिजली कनेक्शन के दिन से टैक्स पर मासिक 1.5 प्रतिशत ब्याज भी वसूला जाएगा। साथ ही आवासीय मकान पर दो हजार और व्यावसायिक मकान पर पांच हजार जुर्माना भी। मई में इसी सर्कुलर के तहत 230 मकान मालिकों को ब्याज और जुर्माना के साथ राशि भुगतान करने की नोटिस जारी की गई। 

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  • Web Title:Municipal data, and disappeared into the house in 2500