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इंटरसिटी में यात्री बेहाल, पंखे खराब, टोटियां सूखीं

इंटरसिटी में यात्री बेहाल, पंखे खराब, टोटियां सूखीं

पुराने कोच, न पानी न सफाई। मेंटेनेंस की हालत ऐसी कि बिजली के स्वीच बोर्ड उखड़े और दिन में बोगी की लाइट जलती रहती है लेकिन पंखे खराब पड़े हैं। बोगी में लगे बेसिन के नल में पानी नहीं है और शौचालय की स्थिति ऐसी कि उबकाई आ जाए। यह हाल है साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस की जनरल बोगी का। ट्रेन में जितनी सीटें हैं उससे चार गुना यात्री चढ़े हैं। कोई पौदान पर तो कोई लगेज करियर पर चढ़े हैं। सभी पसीने से तरबतर। यह सिर्फ दानापुर साहिबगंज इंटरसिटी की स्थिति नहीं बल्कि भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी, मालदा-जमालपुर इंटरसिटी सहित भागलपुर रेलखंड पर चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों के जेनरल बोगियों की है।

सोमवार को हिन्दुस्तान टीम ने साबिगंज इंटरसिटी की बोगियों की स्थिति का जायजा लिया। कोच में बैठे कुछ यात्री अखबार को पंखा बनाये थे तो कुछ यात्री शर्ट उतारकर गमछे और रुमाल से पसीना पोंछ रहे थे। किसी कोच में दो-चार पंखे चल रहे थे तो किसी बोगी में सभी पंखे बंद पड़े थे। यात्री कभी पंखे को देखते तो कभी बोगी की दीवार पर स्वीच बोर्ड ढूंढ़ते। लेकिन चारों ओर नजरें घुमाकर अंतत: सहयात्री का चेहरा देख बस इतना ही बुदबुदाते कि सब कंड़ा है। जब बोगी की स्थिति के बारे में पूछा तो उनकी नाराजगी उमस भरी गर्मी में उबल पड़ी।

नियमित यात्रा करने वाले कहलगांव के शंभू सिंह बोले- हालत क्या बतायें, खुद देखिये कितने पंखे बंद हैं कितने चल रहे हैं? दिन में भी ट्य़ूबलाइट जल रही है और पंखा बंद। किराया एक्सप्रेस का लगता है लेकिन ट्रेन की स्थिति पैसेंजर से भी बदतर है। गर्मी से बेहाल एक युवक सुभाष बेसिन के पास चेहरा धोने गए तो वहां नल में पानी नहीं मिला। भन्नाते हुए बोला- अजीब हाल है। गेट के बाहर कार्टून में पानी का बोतल बेच रहे एक हॉकर को बुलाया और 20 रुपये में पानी लिया। रहबर आलम कहते हैं हर दिन इस ट्रेन में ऐसा ही होता है। साहेबगंज से ट्रेन खुलती है तो भागलपुर तक गेट पर घास वाले खड़े रहते हैं। विभाष झा भागलपुर में चढ़े। सीट नहीं मिला तो बाथरूम के पास खडे़ हो गए। बाथरूम के पास गंदगी पसरी थी।

ट्रेनों की बोगी से उतरता है जलावन की लकड़ी
ट्रेनों की बोगी में घास और जलावन की लकड़ी की ढुलाई कैसे होती है इसका नजारा सोमवार को दिखा। प्लेटफार्म नंबर दो पर लरेठे का 5-6 बड़ा बोझा उतरा। ट्रेन में न टीटीई ने रोका न प्लेटफार्म पर आरपीएफ और जीआरपी ने टोका। बोझा उतार कर प्लेटफार्म पर ही एक घंटे तक छोड़ दिया गया। एक हॉकर ने कहा- भीड़ खत्म होते ही इसे लेकर चला जाएगा।

डीआरएम बोले
जनरल बोगियों में पंखे की कुछ कमी है लेकिन उसे बदला जा रहा है। साहिबगंज इंटरसिटी में पंखे बदलने और अन्य मेंटेनेंस का काम दानापुर डिवीजन में होता है। लेकिन अगर सफाई और पानी की असुविधा है तो इसकी जांच कराकर स्थिति दुरुस्त करायी जाएगी। ट्रेनों की संख्या कम होने की वजह से भीड़ अधिक होती है और स्थानीय स्तर पर इसका समाधान तुरंत नहीं हो सकता।                 
राजेश अरगल, डीआरएम, मालदा रेल मंडल

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  • Web Title:Intercity passenger suffering, fan defective, Totian Sukindi