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नशीली दवाओं के गिरफ्त में आ रहे हैं युवा

नशीली दवाओं के गिरफ्त में आ रहे हैं युवा

सीमावर्ती क्षेत्र कुनौली बाजार में इन दिनों प्रतिबंधित दवाओं का नशे के रूप में सेवन धड़ल्ले से जारी है। खासकर इन नशीली दवाओं का इस्तेमाल युवा वर्ग कर रहा है। इनका आकर्षण नशीली दवाओं की ओर होने से अभिभावक खासे परेशान हैं।

शराब में गंध होती है। इसका सेवन करने पर युवा आसानी से घर में अभिभावक की नजर में आ जाते हैं। इसके विकल्प के तौर पर बगैर इसके दुष्परिणाम को जाने-समझे नशीली दवा को अपना रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा इंडो नेपाल के निकटवर्ती गांव के युवा वर्ग के छात्र सबसे ज्यादा ड्रग्स का शिकार बन रहे हैं।

एक ओर जहां सेल फोर इंडिया लिखी दवाईयां चोरी छिपे नेपाली भूभाग में आकर इन प्रतिबंधित दवाओं का सेवन 10 से 12 वर्ष के छात्र कर रहे हैं और अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। इतना ही नहीं अंग्रेजी दवा दुकानों ने बिकने वाले इंजेक्शन, कफ सीरप, दर्द निवारक दवाओं का धड़ल्ले से हो रहे नशे के तौर पर इस्तेमाल युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहा है। युवाओं का एक वर्ग इन तीन दवाओं के दुष्प्रभाव के गिरफ्त में समाता जा रहा है। इन दवाओं का सेवन करने वाले एक युवक ने बताया कि इन दवाओं के निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन करने से अत्यधिक नशे की अनुभूति होती है। यह शराब से सस्ती भी होती है।

घर में पकड़े जाने की भी आशंका नहीं रहती है। खांसी सर्दी में राहत दिलाने वाले कफ सीरप सीमावर्ती बाजार में नेपाली नागरिक इसी नशीली दवाओं का सेवन करने के लिए आते हैं। सूत्रों की माने तो इस इलाके में कफ सीरप की अच्छी खासी खपत है।

इस संबंध में पूछे जाने पर निर्मली के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डां. राम प्रसाद मेहता कहते हैं कि ऐसे दुकानदारों को चिन्ह्ति किया जा रहा है। जांच में पकड़े जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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  • Web Title:Drug gripped young