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न गश्ती न चेकिंग, नाम की है पुलिस

न गश्ती न चेकिंग, नाम की है पुलिस

सहरसा शहर फिलहाल अपराधियों का सुरक्षित पनाहगाह बनता जा रहा है। वजह भी साफ है। यहां न तो गश्ती होती है और न ही नियमित चैकिंग ड्राईव चलता है। किसी गांव कस्बे की तरह प्रमंडलीय मुख्यालय के शहर में पुलिसिंग चलती है। केवल थाना में आनेवाली शिकायतों पर पैनी नजर रहती है या फिर कहीं जमीन विवाद से जुड़ा मामला दिख गया फिर चहलकदमी बढ़ जाती है। बड़े अधिकारियों का भी थाना में कभी जनता दरबार लगता तो शहर की पुलिसिंग का राज खुल जाता। अपराधी प्रवृति के संदिग्ध लोगों की खुली आवाजाही इस बात के प्रमाण है कि यह शहर बदमाशों के लिए फिलहाल सुरक्षित स्थल माना जाने लगा है। 42 वार्डों के शहर में कहने के लिए तीन थाना है। सदर थाना के अतिरिक्त महिला और अनुसूचित जाति जन जाति थाना अलग से काम कर रहा है। सदर थाना को छोड़ बांकि दो थानों में केवल शिकायती आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने की औपचारिकता पूरी की जाती है। सदर थाना को सुविधाऐं बढ़ायी गयी लेकिन अपराध नियंत्रण पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा है।

चोरी की लागातार घटनाओं से शहरवासियों की नींद हराम हो रही है। पुलिस कहती है कि सुनसान घर छोड़ेंगे तो चोरी होगी ही। सवाल यह है कि यह कह पुलिस चोरों के लिए क्या मैसेज देना चाहती है? चोर विहीन शहर बने इसके लिए पुलिस क्या सोचती है। चोरी की घटना नहीं रोक पाती है लेकिन घटना के बाद सदर पुलिस ने चोरों के कितने गिरोहों का उदभेदन किया यह भी तो नहीं बता पाती है। सदर पुलिस के काम करने की शैली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि घर में चोरी गए एटीएम से रोज नगद राशि निकालने वाले चिन्हित चोर को भी पुलिस आज  तक नहीं पकड़ पायी है। मोटर साईकिल चोरी, लूट की घटना जिले में आम बात हो गयी है। शहर में झपटमार गिरोह का आतंक पहले से कायम है। बैंक में सक्रिय गिरोह वहां से बाहर निकलने वाले लोगों को अपना निशाना बना ही लेते हैं। शहर में लहरिया कट पर आजतक पाबंदी नहीं लग पायी। यहां रौब और ठनक वाली पुलिस अब ले देकर चलने में विश्वास रखती है। शहर में कितना लॉज कहां कार्यरत है सदर पुलिस के पास इसकी सूची आज तक नहीं बन पायी है। कहां किसके घर में लॉज चल रहा है यह भी पुलिस को पता नहीं है। खुद पुलिस ने लॉज से कई गिरोहों का उदभेदन किया है। लॉज में मकान मालिक किसको ठहराते इसकी भी जानकारी पुलिस को नहीं देते।

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  • Web Title:Do not patrol checking, called the police