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बिहार: चुनावी साल में अरहर 110 तो मूंग 120 रुपये किलो

बिहार: चुनावी साल में अरहर 110 तो मूंग 120 रुपये किलो

पिछले लोकसभा चुनाव के बाद से दाल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। एक साल के भीतर अरहर दाल का भाव 30 रुपये प्रति किलो तक चढ़ गया है और यह अब आमलोगों की थाली से गायब है। लोगों को अभी से ही यह चिंता सताने लगी है कि फिर से चुनावी गर्मी आ गई है, कहीं दाल की कीमतें और न चढ़ जाए।

पिछले साल मई में लोकसभा चुनाव के वक्त अरहर दाल की कीमत 75 से 80 रुपए प्रति किलो थी लेकिन अभी यह 110 रुपए किलो बिक रही है। कारोबारियों के अनुसार दाल की कीमतों में पिछले 20 दिनों में भी एक-दो रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। मंसूर दाल की कीमत 78 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपए प्रति किलो हो गयी है। उड़द दाल में भी दो रुपए प्रति किलो की वृद्धि होकर यह 110 रुपए प्रति किलो बिक रही है।
 
व्यापारी उमेश ने बताया कि बारिश और ओले के कारण दाल की फसलें नष्ट हो गई थीं। इसके कारण बड़े जमाखोरों ने दाल का स्टॉक कर लिया है। इसलिए भी दाल की कीमतें बढ़ रहीं हैं। व्यापारी बादशाह ने कहा कि दाल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से साफ है कि सरकार का इस पर नियंत्रण नहीं है। पहले जो ग्राहक चार किलो दाल खरीदते थे, अब दो किलो में ही काम चला रहे हैं। उमेश ने बताया कि सब्जियां सस्ती हैं और लोग दाल की जगह सब्जी से काम चला रहे हैं। घेवर गेट निवासी मानिक कुमार ने बताया कि पिछले लोकसभ चुनाव के दौरान नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि महंगाई पर काबू पाया जाएगा लेकिन नतीजा सबके सामने हैं। दाल की कीमतें नहीं घटीं तो इसका सीधा असर चुनाव पर पड़ेगा।
व्यापारी राजेश वर्मा ने कहा कि चाहे वो व्यापारी हो या कोई और हर वर्ग को इस महंगाई से दो चार होना पड़ रहा है। शिक्षक मनीन्द्र कुमार ने कहा कि जब सरकार रोज का भोजन भी सस्ती दर पर नहीं उपलब्ध करा सकती है तो फिर बदलाव कौन नहीं चाहेगा?

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  • Web Title:Bihar: TUR 110 in an election year, so Moong 120 kg