अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अमित शाह ने मांझी को खिलाई मिठाई, सीटों पर बन गई सहमति

अमित शाह ने मांझी को खिलाई मिठाई, सीटों पर बन गई सहमति

बिहार में सीटों के बंटवारे में भाजपा नेतृत्व की मुसीबत बने पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने उनके घर पहुंचे हैं। वहीं, भाजपा ने सुबह 11 बजे भाजपा कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है।

गौरतलब है कि जीतनराम मांझी के तेवर अब ढीले पड़ने लगे हैं। रविवार को दिन भर भाजपा नेताओं का आपस में और मांझी के साथ बैठकों का दौर जारी रहा। बीच में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मांझी को फोन पर बातचीत में साफ कर दिया कि उनका मान रखने के लिए तय फार्मूला से दो-चार सीटें ज्यादा दी जा सकती है। मांझी भी अपने बेटे के बिहार में पैसे को लेकर पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर परेशान रहे।

भाजपा नेतृत्व ने मांझी के तेवरों को देखते हुए वही रणनीति अपनाई, जिससे उसने रामविलास पासवान को साधा था। इसके तहत मांझी को लगातार बैठकों के दौर में व्यस्त रखा। कभी अपनी पार्टी में और कभी भाजपा नेताओं के दबाव में मांझी भी फंसे रहे। बीते चार दिनों से भाजपा मांझी का इंतजार कर रही थी, और रविवार शाम को स्थिति यह हो गई कि मांझी अमित शाह के बुलावे का इंजतार करते रहे।

इससे इतर भाजपा के सीट समझौते की रणनीति से जुड़े नेताओं अनंत कुमार, भूपेंद्र यादव व धमेंद्र प्रधान ने भी मांझी का इंतजार बढ़ाते हुए आपस में ही ज्यादा विचार-विमर्श किया। हालांकि इसके पहले उन्होंने मांझी के साथ कई दौर की बात की थी।

मोदी तक बात नहीं पहुंचा सके मांझी
रविवार सुबह ही भाजपा नेताओं ने तय कर लिया था जो भी फैसला होगा वे आज ही पूरा कर लेंगे। सुबह सबसे पहले भूपेंद्र यादव मांझी से मिले और कहा कि उनकी कुछ सीटें बढ़ाई जा सकती है, लेकिन मीडिया में यह स्थिति साफ करें कि वे नाराज नहीं हैं। इसके बाद मांझी ने कहा कि वे किसी से नाराज नहीं है।

सूत्रों के अनुसार इस बीच मांझी ने अपनी बात सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह से मुलाकात की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद अनंत कुमार, भूपेंद्र यादव और धमेंद्र प्रधान ने अमित शाह से मंत्रणा की। सूत्रों का कहना है कि शाह ने मांझी को फोन कर आश्वस्त किया कि उनकी कुछ सीटें बढ़ाई जा सकती हैं।

पार्टी की मान्यता का मामला भी उठाया
सूत्रों के अनुसार मांझी ने आखिरी दांव खेलते हुए कहा कि उनकी पार्टी हम को राज्य स्तरीय दल की मान्यता के लिए कम से कम दस फीसदी सीटों पर लड़ना जरूरी है, इसलिए 25 सीटें तो दी ही जाएं। पर भाजपा ने साफ कर दिया कि यह संभव नहीं है। वह केवल इतना और कर सकती है कि उनके जो नेता भाजपा के टिकट पर लड़ना चाहते हैं उनको भी मांझी अपने टिकट पर लड़ा लें।

सूत्रों के अनुसार भाजपा ने मांझी को 15 सीटों के साथ भाजपा के टिकट पर लड़ने वाले पांच और नेताओं को भी उनके पाले में डालने की बात कही है जिससे उन्हें 20 सीटें मिल जाएंगी। एक-दो सीट और बढ़ सकती हैं। शाम को मांझी ने शाह के बुलावे का इंतजार भी किया, लेकिन भाजपा ने साफ कर दिया कि वे मानें तभी बात होगी।

कुछ नेताओं ने सीधे भाजपा से की बात
इस बीच मांझी और भाजपा में बात बनती न देख मांझी की पार्टी के नरेंद्र सिंह और कुछ अन्य नेताओं ने सीधे भाजपा नेताओं से चर्चा कर अपनी सीटों की चर्चा की। बताया जाता है कि उन्होंने यहां तक कहा कि वे मांझी को छोड़ भी सकते हैं।

भाजपा की पहली सूची कल जारी होगी
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 15 सितंबर को होगी। पहली सूची भी इसी दिन जारी की जाएगी। इसके पहले सोमवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ प्रदेश से आई सूची के नामों पर विचार करेंगे। सोमवार को एनडीए के सीट समझौते का भी ऐलान हो सकता है। इस बीच पार्टी ने मुख्य चुनाव अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगभग एक दर्जन सभाओं की रणनीति भी बनाई है।

बिहार में एनडीए में सीटों के बंटवारे का मामला उलझा रहने पर भी भाजपा ने राज्य में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की है। इस बैठक में सहयोगी दलों को दी जाने वाली सीटों और उनके संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा की गई। प्रदेश कोर ग्रुप के नेताओं को सोमवार को दिल्ली बुलाया गया है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश चुनाव समिति ने अधिकांश मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट देने की सिफारिश की है। बाकी सीटों में आधी से ज्यादा सीटों पर एक से ज्यादा नामों का पैनल है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अमित शाह ने मांझी को खिलाई मिठाई, सीटों पर बन गई सहमति