DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बर्खास्त सिपाही को 22 साल बाद मिला न्याय, कोर्ट से दोष मुक्त

अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुमार गुंजन ने गुरुवार को 22 साल पुराने बर्खास्त सिपाही कृष्णानंद झा को दोष मुक्त करते हुए रिहा कर दिया। वरीय अधिवक्ता अभयकांत झा ने बताया कि कृष्णानंद झा के पिता भोलानाथ झा पुलिस विभाग में कार्यरत थे।

सेवाकाल के दौरान 7 दिसंबर 1983 को उनकी मौत हो गई। पत्नी शकुन्तला देवी को पेंशन का लाभ मिला और बेटा को 8 जून, 1991 को पुलिस विभाग में नौकरी मिल गई थी। इसी दौरान 20 मार्च, 1996 को सदर इंस्पेक्टर हरिहर चौधरी ने मां-बेटे पर फर्जी पत्नी बनकर पेंशन व अन्य लाभ लेने और बेटा पर गलत तरीके से नौकरी लेने का आरोप लगाकर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था।

मुंगेर जिले में पदस्थापित कृष्णानंद झा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। कोर्ट में ट्रायल के दौरान शकुन्तला देवी की मृत्यु हो गई। लंबी लड़ाई के बाद कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर कृष्णानंद झा को भोलानाथ झा का पुत्र मानकर दोष मुक्त करते हुए केस से रिहा कर दिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:after 22 years dismiss policeman got justice, released from court