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शाहजहांपुर में पति और पत्नी ने फांसी लगाकर जान दी

शाहजहांपुर में पति और पत्नी ने फांसी लगाकर जान दी

शाहजहांपुर के कांट ब्लॉक के गांव मितेपुर में अनबन पर पहले बेलावती ने फांसी लगाकर जान दी। इसके बाद उसके पति आत्माराम वर्मा ने भी फांसी लगा ली। दोनों की मौत से बच्चों का हाल बेहाल है। पुलिस गांव पहुंच गई है। 

मितेपुर में आत्माराम वर्मा खेतीपाती करता था। परिवार में पत्नी बेलावती, बेटा रामरइस, अतर सिंह, रूपराम, बेटी शीतल और सितारा है। शनिवार सुबह आत्माराम अपने टयूबवेल पर चला गया। बड़ा बेटा रामरइस अपनी दादी के साथ खेत पर चला गया। बाकी के बच्चे गांव में ही इधर-उधर थे। कुछ देर बाद आत्माराम टयूबवेल से वापस आया तो उसने अपनी पत्नी बेलावती को आवाज दी। बेलावती नहीं मिली तो उसकी तलाश की तो देखा कि भूसे की कोठरी में बेलावती लटकी हुर्ई थी। आत्माराम ने बेलावती को उतारा, लेकिन उसकी मौत हो चुकी है। इस बीच आत्माराम ने घर आसपास घूम रहे अपने बेटे रूपराम, बेटी शीतल को बुलाया और कहा कि खेत से रामरइस और दादी को बुला लाओ। वह सब बुलाने गए, इसी बीच आत्माराम ने मकान की दूसरी मंजिल पर जाकर प्लास्टिक की रस्सी से कुंडे से लटक कर जान दे दी। इधर, जब सब बच्चे आए तो उन्होंने नीचे अपनी मां बेलावती की लाश पड़ी देखी और छत पर कमरे में पिता की लाश लटकती देखी। बच्चे रोने लगे। गांव के लोग आ गए। पुलिस को खबर दी गई। पूर्व राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा भी पहुंच गए। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिए हैं।

आत्माराम वर्मा ने दो बार पहले भी फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की थी। गांव के लोगों ने बताया कि करीब तीन साल पहले आत्माराम ने जब फांसी लगाई तो परिजनों को पता लग गया। उसे बचा लिया गया, कई दिन तक वह अस्पताल में भी भर्र्ती रहा। इसके बाद तीन दिन पहले भी आत्माराम ने फांसी लगाने की कोशिश की। तीसरी बार आत्माराम ने पत्नी बेलावती के मरने के बाद फांसी लगाकर जान दे ही दी। बताया जाता है कि पति और पत्नी में अनबन रहती थी। दोनों में पटरी नहीं खाती थी। किसी बात को लेकर फिर झगड़ा हुआ तो पहले बेलावती ने जान दे दी, फिर आत्माराम ने मौत को गले लगा लिया।

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  • Web Title:Husband And Wife Hanged In Shahjahanpur