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बलात्कार व रेप के आरोपी को सजा

न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के विद्वान जज अनिल कुमार वशिष्ठ ने 19 वर्ष पूर्व हुए एक किशोरी के अपहरण व रेप के मामले में नामजद आरोपी को दोषसिद्ध होने पर दस वर्ष की सजा सुनाई है। दोषसिद्ध अपराधी को 45 हजार का जुर्माना भरना होगा। जिसमें से 25 हजार पीड़िता को दिए जाएंगे।

नानपारा कोतवाली के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 28 अक्तूबर 1997 को कोतवाली में तहरीर दी कि खैराकला निवासी मदन पुत्र प्रताप नारायन उसकी बहन का 24 अक्टूबर की रात दस बजे अपहरण कर लिया है। काफी तलाशने पर भी उसकी बहन का कोई पता नहीं चल रहा है। बहन के अपहरण में गांव के ही कुछ लोगों की साजिश है। जिस पर पुलिस ने अपहरण की धारा में केस दर्ज कर लिया था। बाद में किशोरी को पुलिस ने बरामद किया। मेडिकल के बाद किशोरी का कोर्ट में बयान हुआ। पुलिस ने तहकीकात के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस प्रकरण में विचारण शुरू हुआ। सोमवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट के विद्वान जज अनिल कुमार वशिष्ठ ने बचाव पक्ष व अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फिरोज अहमद खां के तर्कों को सुना। मदन पर दोषसिद्ध पाए जाने पर कोर्ट ने उसे दस वर्ष के कारावास व 45 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास काटना होगा।

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  • Web Title: Accused of kidnapping and rape of ten years imprisonment