यूपी में चीनी उत्पादन का पिछला आँकड़ा पार - यूपी में चीनी उत्पादन का पिछला आँकड़ा पार DA Image
12 दिसंबर, 2019|8:20|IST

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यूपी में चीनी उत्पादन का पिछला आँकड़ा पार

यूपी में इस बार चीनी उत्पादन का पिछला आँकड़ा पार हो गया है। गत वर्ष पूरे सत्र में 40.64 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था, जो इस बार सात मार्च तक पार होकर 41.84 लाख टन तक पहुँच गया है। वर्तमान सत्र की समाप्ति तक चीनी का उत्पादन करीब 45.28 लाख टन तक पहुँचने का अनुमान है। जो गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 12 फीसदी अधिक होगा।

यह जानकारी गन्ना आयुक्त सुधीर एम बोबडे ने प्रमुख सचिव द्वारा बुलाई गई विभागीय समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 61 चीनी मिलें पेराई कार्य समाप्त कर बंद हो चुकी हैं,जिसमें 9 चीनी निगम की, 19 सहकारी और 33 मिलें निजी क्षेत्र की हैं। 67 चीनी मिलों में अब भी पेराई का काम चल रहा है। अनुमान है कि पश्चिमी क्षेत्र की कुछ चीनी मिलें अप्रैल माह तक भी चलेंगी।

वर्तमान सत्र में खाण्डसारी, गुड़ और शीरे के उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि अनियमतताओं के 1360 मामले पकड़े गए। 1029 मामलों में मिलों को नोटिसें जारी की गईं और 243 तौल लिपिकों को बर्खास्त किया गया जबकि 10 तौल लिपिकों को निलंबित किया गया। इस वर्ष खरीदे गए गन्ने पर नियमानुसार 8693.43 करोड़ रुपए देय था, जिसके विपरीत 9068.41 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

अभी भी चीनी मिलें किसानों को पूर्व घोषित राज्य परामर्शित गन्ना मूल्य की दर से करीब 50 से 90 रुपए कुंतल की दर से प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान कर रही हैं। चूँकि गन्ना किसानों को इस बार गन्ने का अच्छा मूल्य मिला है और समय से भुगतान हो रहा है। इसलिए अगले वर्ष गन्ना क्षेत्र में वृद्धि होगी।

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