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12 नबम्बर, 2019|1:25|IST

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ग्राहक को जानें

यदि आपने बैंकिंग क्षेत्र में हाल में कदम रखा है तो हो सकता है कि आपसे केवाईसी के लिए बारे में पूछा जाए। केवाईसी यानी ‘नो योर क्लाइंट’। खासतौर पर यदि आप अधिक रकम का लेन-देन कर रहे हैं तो अवश्य बैंक आपके केवाईसी स्टेटस के बारे में जानकारी लेगा।

यदि आप म्यूचुअल फंड में 50 हजार या उससे अधिक रुपये निवेश करते हैं, तो केवाईसी नियमों को अपनाना अपरिहार्य होगा। इन नियमों का उद्देश्य रुपये-पैसे की धोखाधड़ी यानी गैरकानूनी तरीकों  जैसे आतंकवाद आदि से कमाई गई राशि को विभिन्न बैंकिंग चैनलों द्वारा वैध में परिवर्तित करने की प्रवृति पर लगाम लगाना है। आप केवाईसी धारक हैं या नहीं इसे जानने के लिए आप cvlindia.com पर जाएं। जहां स्क्रीन पर दाहिनी ओर नीचे पूछताछ पर क्लिक करें। इसके बाद अपना पर्मानेंट एकाउंट नंबर (पैन नंबर) सबमिट करें। यदि आपके पास पहले से केवाईसी है, तो आपको प्राप्ति सूचना मिल जाएगी। अब इसका प्रिंट लेकर अपनी एमएफ आवेदन के साथ जब भी आप 50 हजार या उससे अधिक का निवेश करें, जोड़ दें।
यदि आप पहले से केवाईसी धारी नहीं हैं, तो आप आसानी से इसे लेने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इंटरनेट पर केवाईसी फॉर्म उपलब्ध हैं। उसका पिंट्र लें। फॉर्म भरें और इसके साथ एड्रेस प्रूफ जैसे बिजली, टेलिफोन बिल या पैन कार्ड की कॉपी जमा कर दें। आप जमा केंद्रों से भी केवाईसी फॉर्म हासिल कर सकते हैं। आपमें से कुछ के पास म्यूचुअल फंड आइडेंटिफिकेशन नंबर (मिन) होगा। फंड निवेशकों के लिए वर्ष 2007 में मिन को जरूरी कर दिया गया था। मिन आवेदन पत्र के साथ पैन दस्तावेज जमा कराना होता था। यदि आपने मिन आवेदन के साथ पैन कॉपी जमा करवाई है तो आपको केवाईसी धारी माना जाएगा।

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