नक्सली हिंसा त्यागें, तभी बातचीतः पिल्लई - नक्सली हिंसा त्यागें, तभी बातचीतः पिल्लई DA Image
12 दिसंबर, 2019|7:32|IST

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नक्सली हिंसा त्यागें, तभी बातचीतः पिल्लई

नक्सली हिंसा त्यागें, तभी बातचीतः पिल्लई

केन्द्र ने एक माओवादी नेता के 2050 से पूर्व भारत सरकार का तख्ता पलट देने के दावे को 'बेहूदा' करार देते हुए कहा है कि कोई भी सपने देखने को स्वतंत्र है लेकिन साथ ही यह भी साफ तौर पर कहा कि माओवादियों से बातचीत तभी संभव है जब वे हिंसा त्यागें। केन्द्रीय गृह सचिव जीके पिल्लई ने रविवार को कहा कि वे सपने देख सकते हैं। लोकतंत्र है और उन्हें भी सपने देखने का अधिकार है। हमने अपना पक्ष पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
 
गृह सचिव ने कहा कि वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 'माओवादी' से अपेक्षा करते हैं कि वे साफ तौर पर वक्तव्य जारी करें कि वे हिंसा छोड देंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का वक्तव्य प्राप्त हो जाने के बाद गृह मंत्रालय उनसे बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। पिल्लई का इस प्रकार का वक्तव्य माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी द्वारा शनिवार रात किए गए इस दावे के बाद आया है कि वे भारत सरकार को 2050 तक उखाड़ फैकेंगे। उसने यह भी दावा किया है कि माओवादियों की अपनी सेना है जिसकी मदद से वे 2050 से पहले ही भारत सरकार को उखाड फेकेंगे।

पिल्लई ने गत शुक्रवार को एक संगोष्ठि में कहा था कि उनके द्वारा यह कहने का तात्पर्य यह नहीं है कि वे कल या परसों ऐसा करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माओवादियों द्वारा जारी एक पुस्तिक में ऐसा कहा गया है। जबकि एक अन्य दस्तावेज में उन्होंने 2060 से पूर्व ऐसा करने की बात कही है।

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