सोनिया की तस्वीरों वाले विज्ञापन का औचित्य, रिकार्ड नहीं - सोनिया की तस्वीरों वाले विज्ञापन का औचित्य, रिकार्ड नहीं DA Image
20 नबम्बर, 2019|12:26|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सोनिया की तस्वीरों वाले विज्ञापन का औचित्य, रिकार्ड नहीं

सोनिया की तस्वीरों वाले विज्ञापन का औचित्य, रिकार्ड नहीं

देश के विभिन्न राज्यों की कांग्रेस सरकारें सोनिया गांधी की तस्वीरों वाले विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च तो कर देती हैं लेकिन इसका औचित्य बताने में अचकचा जाती हैं।

दिल्ली सरकार ने सवा दो साल में संप्रग और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीरों वाले विज्ञापनों पर करीब दो करोड़ रूपये खर्च किए। मंदी के दौर में (27 मई 2007 से 28 अगस्त 2009 तक) हुए इस खर्च के बारे में सूचना के अधिकार के तहत पूछा गया कि सोनिया गांधी के चित्र किस आधार, योग्यता, पद आदि के कारण प्रकाशित किए गए हैं, तो जवाब था रिकार्ड के अनुसार इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है।

हिसार स्थित सामाजिक कार्यकर्ता रमेश वर्मा को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत यह जानकारी चाहिए थी। उन्होंने दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा की कांग्रेस सरकार से भी सोनिया गांधी की तस्वीरों वाले विज्ञापनों पर सूचना मांगी थी।

हरियाणा राज्य जन सूचना अधिकारी का सोनिया गांधी की तस्वीरें प्रकाशित करने का औचित्य पूछे जाने पर जवाब है, सोनिया गांधी की तस्वीरें भारत सरकार का पत्र सूचना कार्यालय समय-समय पर प्रकाशित करने के लिए भेजता है। इसी का अनुकरण राज्य में किया जा रहा है। इस संबंध में कोई लिखित आदेश नहीं है। अधिकारी ने अपने जवाब में यह भी लिखा कि सार्वजनिक जीवन में जो आदर्श होते हैं, उनकी तस्वीरें विज्ञापन के साथ लगाई जाती हैं।

सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय ने मई 2007 से अगस्त 2009 के बीच संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से संबंधित 7,483 वर्ग सेंटीमीटर विज्ञापनों पर एक करोड़ 90 लाख 55 हजार 837 रुपये खर्च किए।

दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय में जन सूचना अधिकारी नलिन चौहान ने अपने जबाव में केवल दो वर्ष तीन महीने का ब्यौरा उपलब्ध कराया तथा कांग्रेस प्रमुख से जुड़े विज्ञापन के आधार एवं योग्यता के बारे में कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही।

आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2007-08 में 27 मई 2007 को एक ही दिन में सोनिया गांधी से जुड़े तीन अलग-अलग विज्ञापनों पर 23 लाख 53 हजार 909 रुपये खर्च किये गए। जबकि वित्त वर्ष 2007-08 की सम्पूर्ण अवधि में 32 लाख 83 हजार 552 रुपये खर्च हुए। वर्ष 2007 में ही 17 जून को पांच लाख दो हजार 21 रुपये, एक जुलाई को 90 हजार 843 रुपये तथा 29 जुलाई 2007 को 33 हजार 679 रुपये खर्च किये गए।

सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2008-09 में कांग्रेस प्रमुख से संबंधित विज्ञापन पर एक करोड़ 31 लाख 50 हजार 575 रुपये खर्च हुए जबकि वित्त वर्ष 2009-10 में 28 अगस्त 2009 को सोनिया गांधी के विज्ञापन पर 29 लाख 24 हजार 810 रुपये खर्च किये गए।

वित्त वर्ष 2008-09 में सोनिया गांधी के विज्ञापन पर दो अक्टूबर 2008 को नौ लाख 18 हजार 427 रुपये, 26 जनवरी 2009 को गणतंत्र दिवस के दिन दो अलग-अलग विज्ञापनों में 61 लाख 26 हजार 665 रुपये जबकि 30 जनवरी 2009 को महत्मा गांधी के पुण्यतिथि के दिन दो विज्ञापनों पर 61 लाख पांच हजार 483 रुपये खर्च किये गए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सोनिया की तस्वीरों वाले विज्ञापन का औचित्य, रिकार्ड नहीं