नए आईटीआई और दक्षता विकास केंद्र खोले जाएंगे - नए आईटीआई और दक्षता विकास केंद्र खोले जाएंगे DA Image
21 नबम्बर, 2019|5:21|IST

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नए आईटीआई और दक्षता विकास केंद्र खोले जाएंगे

हरियाणा में सार्वजनिक-निजी भागीदारी से आईटीआई स्थापित करने के लिए पांच स्थानों और दक्षता विकास केंद्रों की स्थापना के लिए राज्य में 85 स्थान चिन्ह्ति किए गए हैं। चीका, नरवाना, सांपला, लिसाना और सांघी में बहुतकनीकी संस्थानों और मुरथल में सेंट्रल इंस्टीटय़ूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना करने कुछ अन्य परियोजनाएं भी पाइपलाइन में हैं।

राज्य विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया के अभिभाषण में यह जानकारी दी गई। अभिभाषण में कहा गया कि दक्ष मानव-शक्ति का विकास 78 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और 31 महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के जरिये किए जा रहा है। उद्योग व संस्थानों के मध्य नियमित एवं सीधा तालमेल बैठाने और संस्थानों को कार्यगत, वित्तीय और प्रबंधकीय स्वायत्तता प्रदान करने के लिए प्रबंधन समितियां गठित की गई हैं।

प्रदेश में 17,444 आंगनवाड़ियों के मौजूदा तंत्र में 8255 नए आंगनवाड़ी केंद्र खोले जाएंगे। इनमें से 1081 आंगनवाड़ी केंद्र अल्पसंख्यक बस्तियों और 873 अनुसूचित जातियों की बस्तियों में होंगे। छ: माह से छ: साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं तथा किशोरियों को पूरक पोषाहार के लिए 179.46 करोड़ रुपए कीराशि खर्च की जाएगी। पोषाहार की दरें 3 रुपए से बढ़ाकर 4रुपए प्रति बच्चाा प्रतिदिन और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के लिए 5 रुपए से बढ़ाकर 6 रुपए की गई हैं।

सतलुज-यमुना योजक नहर के माध्यम से पानी का हिस्सा लेने की राज्य सरकार की प्रतिबद्घता को दोहराते हुए राज्यपाल ने कहा कि भाखड़ा मेन लाइन, हांसी ब्रांच-बुटाना बहुउद्देशीय लिंक नहर का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसे चालू करने के लिए कानूनी मुद्दों को सलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेवात नहर परियोजना को साकार करने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 500 से भी अधिक जलमागरें को दोबारा पक्का करने और उनके पुन: निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा और इतनी ही संख्या में नए पक्के जलमार्ग प्रणाली में जोड़े जाएंगे।

जल भराव को कम करने के लिए जवाहरलाल नेहरू नहर के तटों पर नलकूप लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। बाढ़ के पानी की निकासी के लिए हरियाणा राज्य बाढ़ नियंत्रण बोर्ड द्वारा अनुमोदित करीब 100 स्कीमें क्रियान्वित की जा रही हैं।

सरकार ने पिराई मौसम के लाभ को सहकारी चीनी मिलों द्वारा गन्ना उत्पादकों के साथ बांटने का निर्णय लिया है। राज्य ने अप्रैल, 2009 से जनवरी, 2010 तक पिछले साल की इसी अवधि में राजस्व प्राप्तियों में लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। चालू वित्त वर्ष में सात प्रतिशत से अधिक की विकास दर की उम्मीद की जा रही है।

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