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10 दिसंबर, 2019|4:31|IST

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हाकी टीम के प्रदर्शन से निराश नहीं हैं गिल

हाकी टीम के प्रदर्शन से निराश नहीं हैं गिल

भारतीय हाकी टीम के विश्व कप में लगातार दो मैच में हार से भले ही देश के करोड़ों हाकी प्रेमियों का दिल टूट गया हो लेकिन केन्द्रीय खेल मंत्री एमएस गिल ने कहा कि वे राजपाल सिंह और उनके साथियों के प्रदर्शन से निराश नहीं हैं क्योंकि खिलाड़ी पूरा जोश और जज्बा दिखा रहे हैं।

गिल अपनी पुस्तक हिमालयन वंडरलैंड के विमोचन के अवसर पर संवाददाताओं के भारतीय टीम के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर कहा कि मैंने तीनों मैच देखे हैं खासकर पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में जब दोनों देशों का राष्ट्रीय गान गाया गया तो दर्शकों ने भी पूरा साथ दिया। यह माहौल सभ्यता का सार्टिफिकेट है।

आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे मैच के बारे में खेल मंत्री ने कहा कि इस मैच में हमारी टीम पहले हाफ तक बहुत अच्छा खेली और उसने कई बार दबाव भी बनाया लेकिन खेल में हार जीत तो होती है मै एकदम निराश नहीं हूं। लड़के पूरे जोश के साथ खेल रहे है और खेल में इसी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि इस विश्व कप से जूनियर खिलाड़ियों को बहुत कुछ सीखने और देखने को मिलेगा।

राष्ट्रमंडल खेलों के बारे में पूछने पर गिल ने कहा कि आप लोग पहले ही स्टेडियमों की तैयारियों के बारे में बहुत कुछ लिख रहे थे लेकिन विश्व कप हाकी जिस मेजर ध्यानचंद स्टेडियम हो रही है वहां का स्टेडियम बनने के बाद अब इस बारे में कोई बात नहीं कर रहा है इसलिए मेरा कहना है कि खेलों तक सभी स्टेडियम बन तैयार हो जाएंगे।

पेंग्विन द्वारा प्रकाशित पुस्तक हिमालयन वंडरलैंड के बारे में गिल ने कहा कि सन 1962 में जब उनकों भारतीय प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में बर्फ से ढके क्षेत्र लाहौल और स्पिति में उपआयुक्त बना कर भेजा गया था उस समय की यादों को इस पुस्तक में लिखा गया है। 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लिखी गई प्रस्तावना वाली इस पुस्तक के बारे में गिल ने बताया कि अपनी सरकारी नौकरी के दौरान लाहौल स्पिति में बिताए इस अनूठे क्षेत्र में पर्वतारोहण के बारे में विस्तार से बताया गया है और उस समय ट्रैकिंग के नक्शों और उस समय वहां की स्थिति के फोटोग्राफ भी इस पुस्तक में दिए गए है।

लाहौल स्पिति की चोटियों से एक दिशा में चीन की ओर जाती है और दूसरी तरफ रोहतांग और हिमाचल का कल्लू क्षेत्र आता है। गिल ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले हिमालय की चोटी पर चढ़ने वाले शेरपा तेनजिंग से दाजिर्लिंग जाकर पहाड़ों पर ट्रैकिंग करने की शिक्षा ली है। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके खेल मंत्री गिल भारतीय मांउटेनियरिंग फाउंडेशन और हिमालय क्लब के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

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