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11 दिसंबर, 2019|9:55|IST

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करजई से मिले मेनन, भारतीयों की सुरक्षा पर विमर्श

करजई से मिले मेनन, भारतीयों की सुरक्षा पर विमर्श

अफगानिस्तान में भारतीयों को आतंकवादी हमलों का निशाना बनाने की नवीनतम घटना की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने शुक्रवार को अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात करके करीब 4000 भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया।
     
दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार सुबह काबुल पहुंचे मेनन ने अफगानिस्तान में विकास और पुनर्निर्माण की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े भारतीय लोगों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर करजई के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया। मेनन ने अफगानिस्तान में अपने समकक्ष रंगीन ददफार स्पान्ता से भी मुलाकात की और 26 फरवरी को हुए काबुल हमले की जांच पड़ताल में हुई प्रगति के बारे में पूछा। इस हमले में भारतीयों को खासतौर पर निशाना बनाया गया था।

निशाना उस गेस्ट हाउस को बनाया गया था जहां भारतीय नियमित तौर पर आते-जाते थे। इस हमले में सेना में मेजर रैंक के तीन अधिकारियों समेत सात भारतीय मारे गए थे। अफगानिस्तान में नवीनतम हमले के बाद भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंतित भारतीय सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए कुछ प्रस्ताव रखे हैं।

इससे पहले, अफगानिस्तान में रह रहे चार हजार भारतीयों की सुरक्षा पर अफगान नेतृत्व से चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन शुक्रवार को काबुल पहुंचे।

मेनन भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई प्रस्ताव लेकर आए हैं जिस पर वह यहां के अधिकारियों से विचार विमर्श करेंगे। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान मेनन का राष्ट्रपति हामिद करजई तथा अन्य अफगान नेताओं के साथ मुलाकात का कार्यक्रम है।

अफगानिस्तान पहुंचते ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाकार ने पिछले हफ्ते भारतीय नागरिकों को लक्ष्य कर किये गये हमलों को देखते हुये भारतीय राजदूत जयंत प्रसाद के साथ यहां काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा की। ये भारतीय नागरिक अफगानिस्तान में चल रहे विभिन्न विकास और पुनर्निर्माण परियोजनाओं से जुड़े हैं।

सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने भारतीय लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये कई प्रस्ताव दिये हैं जिस पर मेनन अफगान प्रशासन के साथ चर्चा करेंगे। इन प्रस्तावों के तहत परियोजना स्थल पर सुरक्षित स्थलों की स्थापना करना जिससे भारतीय कामगार वहां पर रह सके भी शामिल है।

इसके अलावा जिन स्थलों पर भारतीय काम कर रहे हैं वहां पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाये। सूत्र ने कहा कि भारत सरकार जो कुछ भी कर सकती है, उसकी एक सीमा है। अतत: अफगान प्रशासन को यहां पर रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाने होंगे।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में अफगान सरकार का व्यवहार हमेशा से ही सहयोग का रहा है। सूत्र ने विश्वास व्यक्त करते हुये कहा कि भारतीयों की सुरक्षा का स्तर उठाने के लिये अफगान सरकार और कदम उठायेगी।

भारत द्वारा अफगानिस्तान को दी जा रही 1.3 अरब डालर की सहायता के हिस्से के रूप में करीब चार हजार भारतीय यहां स्वास्थ्य, रक्षा, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे हैं।

शुक्रवार को हुये हमले के बाद से भारतीयों की सुरक्षा की समीक्षा करना जरूरी हो गया था। इस हमले में मेजर रैंक के तीन अधिकारियों समेत सात भारतीयों की मौत हो गई थी तथा पांच सैन्य अधिकारियों सहित नौ लोग घायल हो गये थे।

अफगानिस्तान में 26 फरवरी को भारतीयों को लक्ष्य करते हुये हमले में आतंकवादियों ने अपनी पूर्व की रणनीति बदलते हुये दूतावास या वाणिज्य दूतावाास जैसे सुरक्षित स्थलों पर हमला करने की बजाय आसान लक्ष्यों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

इस आतंकी हमले के बाद करजई ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भरोसा दिलाया था कि उनकी सरकार भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अतिरिक्त कदम उठायेगी।

मेनन सुरक्षा मसले पर चर्चा करने के साथ साथ इस हमले की जांच की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे। अफगान प्रशासन ने कहा था कि यह हमला आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा ने कराया था। हालांकि जांचकर्ताओं ने तालिबान आतंकवादियों के हक्कानी गुट के शामिल होने की भी आशंका जताई है।

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