पासपोर्ट बनवाने गए व्यापारी को पुलिस ने बनाया कुख्यात अपराधी - पासपोर्ट बनवाने गए व्यापारी को पुलिस ने बनाया कुख्यात अपराधी DA Image
15 नबम्बर, 2019|1:44|IST

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पासपोर्ट बनवाने गए व्यापारी को पुलिस ने बनाया कुख्यात अपराधी

इसे पुलिस की लापरवाही कहें या वाहवाही लूटने के नाम पर की गई जल्दबाजी, चेन्नई में पकड़े गये कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इसरार पग्गल की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) की प्रेस कांफ्रेंस में इसरार पग्गल की फोटो के स्थान पर एक ऐसे फर्नीचर व्यापारी की फोटो मीडिया को जारी कर दी गई जिसने पासपोर्ट की छानबीन के लिए अपना फोटो पुलिस स्टेशन में जमा करवाया था।

अब यह फर्नीचर व्यवसायी और बसपा का स्थानीय कार्यकर्ता मेहताब शहर में सबको यह बताता फिर रहा है कि वह इसरार पग्गल नही है अब पुलिस को मुंह छिपाने के अलावा कोई बात समझ में नही आ रही है।

मामला चूंकि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ब्रजलाल की प्रेस कांफ्रेंस में गलत आदमी की फोटो जारी करवाने का था इसलिए कानपुर के डीआईजी ने इस मामले में पहली नजर में दोषी पाये गये दो पुलिस कर्मयिों को नलिंबित कर दयिा गया तथा मामले की जांच का काम पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) को सौंपा है।

उल्लेखनीय है कि गत तीन मार्च को उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम ने चेन्नई में कानपुर के एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इसरार पग्गल को गिरफ्तार किया था। उस पर कानपुर में करीब 25 मामले तथा समूचे उत्तर प्रदेश में करीब 37 गंभीर मामले दर्ज थे। इसरार पर प्रदेश सरकार ने 50 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था।

गत तीन मार्च को एडीजी ब्रजलाल राष्ट्रपति प्रतिभा पाटलि के आईआईटी कार्यक्रम की समीक्षा करने आये थे तो पुलिस ने इसरार पग्गल की गिरफ्तारी की सूचना करने के लिए आनन फानन में पत्रकार वार्ता बुलाई।

ब्रजलाल ने कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक जेएल मीणा तथा उप महानिरीक्षक प्रेम प्रकाश की मौजूदगी में इसरार पग्गल की गिरफ्तारी की सूचना पत्रकारों को दी। उन्होंने कानपुर पुलिस द्वारा उपलब्ध कराये गए इसरार पग्गल के फोटो भी मीडिया को दिखाए और बाद में पुलिसकर्मियों ने वह फोटो मीडिया कर्मियों को बांट दी।

मीडिया को बांटी गयी फोटो गुरुवार चार मार्च को शहर के स्थानीय अखबारों में प्रमुखता से पहले पन्ने पर छप गई। जब यह फोटो अखबारों में छपी तो पता चला कि यह फोटो इसरार पग्गल की नहीं बल्कि शहर के तलाक महल मोहल्ले में रहने वाले फर्नीचर ठेकेदार और स्थानीय बसपा कार्यकर्ता मेहताब की है।

मेहताब ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी कि वह इसरार पग्गल नहीं बल्कि एक सामान्य ठेकेदार है और उसका इसरार से कोई लेना देना नही है। उसने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले पासपोर्ट जांच के मामले में बेकनगंज इलाके की पुलिस उसके घर आई थी और उससे कहा था कि पासपोर्ट जांच के लिए अपना फोटो लेकर थाने आना। उसने अपना फोटो पुलिस स्टेशन में जमा करा दिया था। उसके बाद उसे पता नही लगा कि उसकी फोटो का क्या हुआ लेकिन अब अखबारो में उसके फोटो के साथ इसरार पग्गल की गिरफ्तारी की खबर छपने के बाद उसकी समझ में नहीं आ रहा है वह क्या करे।

मामला चूंकि ब्रजलाल की प्रेस कांफ्रेंस में गलत फोटो रिलीज करवाने का था इसलिए पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई। डीआईजी प्रेम प्रकाश ने बताया कि जिन दो पुलिसकर्मियों से फोटो मंगवाई गई थी वह बेकनगंज पुलिस स्टेशन में रिकार्ड की देखभाल करने वाले हेड कांस्टेबल देवेन्द्र प्रसाद और कांस्टेबल भगवती थे। इन्होंने ही इसरार के नाम पर गलत फोटो पुलिस अधिकारियों को सौंपी थी। इन दोनों को तत्काल प्रभाव से नलिंबित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि बाद में पुलिस ने इसरार की हिस्ट्रीशीट और रिकार्ड फाइल देखी तो मालूम हुआ कि उसमें उसका सही फोटो लगा हुआ है। इस गलती को गंभीर बताते हुए उन्होंने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

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