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18 नबम्बर, 2019|5:06|IST

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लविवि का शैक्षिक सत्र एक दशक बाद फिर लड़खड़ाया

लखनऊ विश्वविद्यालय व संबद्ध डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों के बहिष्कार के चलते शैक्षिक सत्र का लड़खड़ाना तय हो गया है। अभी तक बीएससी तृतीय वर्ष के केमेस्ट्री विषय का ही प्रैक्टिकल हो पाया है बाकी सभी प्रैक्टिकल बाकी हैं। शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि एरियर भुगतान की घोषणा होने से पहले वह परीक्षा कार्यो में सहयोग नहीं करेंगे। पहले लूटा व लुआक्टा के सहयोग का भरोसा मिलने पर ही लविवि प्रशासन ने 22 मार्च से परीक्षाएं शुरू करवाने की तिथि प्रस्तावित की थी।

मगर अब शिक्षकों के सहयोग न करने की घोषणा करने से मामला बिगड़ गया है। फिलहाल लविवि प्रशासन ने सभी विगाध्यक्षों को पत्र लिखकर स्नातक कक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार कर माड्रेशन करवाने को कहा है। अगर लविवि व डिग्री कॉलेज के शिक्षक प्रश्नपत्र नहीं बनाते हैं तो बाहरी विश्वविद्यालय के शिक्षकों से प्रश्नपत्र बनवाने के आदेश दिए गए हैं। मगर जब प्रदेश भर में विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेज के शिक्षक परीक्षा कार्यो का बहिष्कार कर रहे हैं तो पर्चे कौन बनाएगा?

ऐसे में एक दशक बाद फिर लविवि का शैक्षिक सत्र लड़खड़ाने लगा है। लविवि प्रशासन ने स्नातक तृतीय वर्ष की प्रैक्टिकल की परीक्षाएं होली की छुट्टियों के बाद शुरू करवाने की घोषणा की थी लेकिन अब शिक्षकों के बहिष्कार के कारण यह हो पाना कठिन है। वर्ष 2000 में जब प्रो. वीडी पाण्डेय लविवि के परीक्षा नियंत्रक बने थे तब लविवि का शैक्षिक सत्र पटरी पर लाया गया था। उससे पहले लविवि का शैक्षिक सत्र करीब चार महीने पीछे चलता था।

अक्टूबर व नंबर तक तो प्रवेश ही हो पाते थे इसके बाद गर्मियों की छुट्टियों के बाद जुलाई व अगस्त में स्नातक कक्षाओं के रिजल्ट निकल पाते थे। ऐसे में छात्रों को परेशानी उठानी पड़ती थी। प्रो. पाण्डेय ने एक मार्च से परीक्षाएं शुरू करवाकर सत्र को पटरी पर लाने का काम किया था। अब 22 मार्च से प्रस्तावित परीक्षाओं पर भी संकट के बादल गहराने से स्थिति खराब हो गई है। ऐसे में समय पर कापियों का मूल्यांकन करवाना और 30 जून तक रिजल्ट निकाल पाना आसान नहीं होगा। अभी लिखित परीक्षाओं की ही तारीख तय नहीं हो पाई है और इसके बाद प्रैक्टिकल परीक्षाएं करवाई जानी हैं।

प्रैक्टिकल के अंक चढ़ाए बगैर रिजल्ट नहीं निकल पाएगा। लविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. यशवीर त्यागी कहते हैं कि हमें पूरी आशा है कि 22 मार्च से परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। तब तक शायद सरकार भी एरियर के भुगतान की घोषणा कर दे। परीक्षा विभाग छात्रों के हितों को लेकर हमेशा संजीदा रहता है।

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