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खतेरे में हिंदू धर्म-संस्कृति : निमाई जी

मातृ मंदिर, देवी मंडप रोड में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसर दिन मंगलवार को कथावाचक पंडित श्यामनारायण दुबे निमाई जी ने राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग पर चर्चा की। साथ ही उस समय की घटना को वर्तमान परिस्थति से जोड़ते हुए हिंदू धर्म की दशा-दिशा पर विस्तार से प्रकाश डाला। निमाई जी ने सीता हरण और द्रौपदी चीर हरण का उल्लेख करते हुए बताया कि जब रावण माता सीता का हरण कर ले जा रहा था, तो जटायू नाम के एक पंक्षी ने जान की परवाह नहीं करते हुए मरते दम तक युद्ध किया। वहीं राजसत्ता के प्रति प्रतिबद्धता के कारण द्रौपदी चीर हरण के समय बड़े-बड़े सूरमा और सत्तासीन मौन बैठे रहे। आज भी यही स्थिति बन रही है। कहा कि अयोध्या में श्रीराम लला मंदिर निर्माण का काम रुका है। रामसेतु तोड़ने की साजिश चल रही है। लेकिन राजसत्ता के प्रति प्रतिबद्धता के कारण नेतागण मौन हैं। खुलकर सामने नहीं आ रहे। निमाई जी ने भीष्म और अजरुन युद्ध प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान अपने भक्त के प्रण की रक्षा के लिए अपना प्रण तोड़ देते हैं। कथा अपराह्न् दो से शाम पौने सात बजे तक चली। इस बीच उन्होंने कई भजन भी प्रस्तुत किये। अंत में मुख्य यजमान कृष्णमोहन सहाय ने कथावाचक और व्यास पीठ के उपस्थित भक्तों के साथ आरती की। इसमें अद्वैत स्वरूप आश्रम के स्वामी मुक्तानंद जी सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया।ड्ढr आयोजन समिति के उदय शंकर ओझा, डॉ एचपी नारायण, डॉ एसएन चौधरी, वीरंद्र विमल और ध्रुवनारायण तिवारी संचालन में अपना योगदान दे रहे हैं। वीरंद्र विमल ने बताया कि बुधवार को कथाप्रसंग के क्रम में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जायेगा।

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