एलाइड नहीं कर पाएंगे मसूरी में ट्रेनिंग - एलाइड नहीं कर पाएंगे मसूरी में ट्रेनिंग DA Image
14 दिसंबर, 2019|1:48|IST

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एलाइड नहीं कर पाएंगे मसूरी में ट्रेनिंग


यूपीएससी से चुने जाने वाले केंद्रीय सेवाओं के अफसरों को आईएएस-आईपीएस के साथ मसूरी एकेडमी में ट्रेनिंग नहीं मिल पाएगी। इस बार जितने अफसर चुने जा रहे हैं, उनकी तुलना में आईएएस एकेडमी में महज एक तिहाई की ट्रेनिंग का इंतजाम हैं। ऐसे में, इन अफसरों को एलाइड सर्विसेज के अन्य संस्थानों में ही ट्रेनिंग से संतोष करना पड़ेगा।
यूं तो मसूरी स्थित एलबीएस एकेडमी मुख्यतौर पर आईएएस अधिकारियों को ही प्रशिक्षित करती है लेकिन तीन महीने के फाउंडेशन कोर्स में 20 अन्य केंद्रीय सेवाओं के अफसरों को भी मौका मिलता रहा है। विगत दो सालों में यूपीएससी से चुने जानने वाले अफसरों की संख्या काफी बढ़ गई है। इसका परिणाम यह है कि एलाइड अधिकारियों को आईएएस अधिकारियों के साथ एकेडमी में प्रशिक्षण का मौका हासिल हो पाना संभव नहीं दिख रहा है।

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चुने गए अधिकारियों के वर्ष 2008 के बैच (800 पदों पर 639 का चयन ) को भी तीन हिस्सों में बांटा गया था। इससे मसूरी में केवल आईएएस, आईपीएस और आईएफएस को ही मौका मिला। अन्य संवर्गों के अधिकारियों को भोपाल और हैदराबाद में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। इस बार तो पदों की संख्या भी 965 हैं।

ऐसे में, एलाइड अफसरों को हरिश्चंद्र माथुर लोक प्रशासन अकादमी जयपुर, एमचैन्ना रेड्डी इंस्टीटय़ूट हैदराबाद समेत बडोदरा, नागपुर आदि संस्थानों में ही संतोष करना पड़ेगा। अकादमी में करीब 20 साल बाद ऐसी स्थिति आई है जब सभी सेवाओं के अधिकारी मसूरी में फांडेशन कोर्स नहीं कर पाएंगे। उल्लेखनीय है कि 1990 से पहले के कई बैचों में अधिकारियों की संख्या कई बार एक हजार से अधिक रही है।

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