औद्योगिक पैकेज पर केंद्र को घेरा - औद्योगिक पैकेज पर केंद्र को घेरा DA Image
11 दिसंबर, 2019|5:56|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

औद्योगिक पैकेज पर केंद्र को घेरा

राज्य का औद्योगिक पैकेज न बढ़ाए जाने और आम उपभोग की वस्तुओं पर सीएसटी की दर न घटाने समेत कुछ अन्य मुद्दों पर प्रदेश भाजपा ने केंद्र की सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी ने इसके बहाने राज्य के कांग्रेसी सांसदों को को भी कटघरे में खड़ा किया है। इन मुद्दों पर भाजपा ने प्रदेशभर में 5 से 7 मार्च तक धरना व प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

भाजपा मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष लाखीराम जोशी, प्रवक्ता मुकेश महेंद्रू, उद्योग मित्र परिषद के उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने साङी पत्रकार वार्ता में कहा कि औद्योगिक पैकेज की अवधि 2020 तक बढ़ाने की मांग की गई थी। पर केंद्र ने पैकेज की अवधि पूर्व घोषित तिथि तक भी नहीं बढ़ाई। जबकि प्रधानमंत्री ने इस संबंध में कांग्रेस के सांसदों के साथ उनसे मिलने गए मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक को आश्वस्त किया था। पर जब केंद्रीय बजट आया तो उत्तराखंड की इस जायज मांग को दरकिनार कर दिया। राज्य के साथ इस धोखे को पार्टी बर्दास्त नहीं करेगी। यदि पैकेज की अवधि 2013 तक भी बढ़ती तो करीब 2 हजार करोड़ का निवेश प्रतिवर्ष होता और दो लाख लोगों को रोजगार मिलता।

उन्होंने कहा कि केंद्र की इंपावर्ड कमेटी ने सिफारिश की थी कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से राज्यों पर पड़े अतिरिक्त भार का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी। पर यह राशि देने से भी केंद्र ने हाथ खड़े कर दिए। केंद्र ने हर साल आम जरूरतों की चीजों पर सीएसटी की दर हर साल 1 फीसदी घटाने की घोषणा की थी। इस हिसाब से यह दर 2010 के बजट में शून्य स्तर पर आ जानी चाहिए थी। पर इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। 

पार्टी नेताओं ने जल विद्युत परियोजनाओं के आवंटन पर कहा कि जिन कंपनियों को परियोजनाएं दी गई, उनमें निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई। इसमें 100 किलोवाट से 5 मेगावाट तक की परियोजनाएं स्थानीय लोगों की समितियों को प्राथमिकता पर दी गई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:औद्योगिक पैकेज पर केंद्र को घेरा